जुलाना। क्षेत्र के गांव किलाजफरगढ़ के रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन की पावर फेल हो गई। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद दूसरा इंजन पहुंचा तब जाकर यात्रियों ने ली राहत की सांस। यात्रियों को चिलचिलाती धूप में पैदल जाना पड़ा या फिर स्टेशन पर ही ट्रेन में बैठने को मजबूर होना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी पीने की भी कोई व्यवस्था नही थी। जिससे बच्चों को घंटों तक प्यासे ही स्टेशन पर रहना पड़ा।
किलाजफरगढ़ रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह नौ बजकर 11 मिनट पर 54036 पैसेंजर गाड़ी पहुंची जोकि जींद से दिल्ली जाती है। इंजन ने काम करना बंद कर दिया और फिर दोबारा जींद से दूसरी पावर मंगवाई गई। जब तक काफी सवारियां पैदल ही गांव से होते हुए रोहतक के लिए रवाना हुई। जींद निवासी साहिल, सोहन, संतोष ने बताया कि वो जींद के रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठे थे। रेल को सुख का साधन माना जाता है, लेकिन इंजन में खराबी आने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं थी। पांच कैंपर मंगवाए गए थे। उन्हें यात्रियों ने खत्म कर दिया। रेल रोकों अभियान को देखते हुए तैनात की गई पुलिस को भी प्यासे रहने पर ही मजबूर रहना पड़ा।
तकनीकी कमी के कारण पावर हुई फेल
तकनीकि कमी के चलते पावर सप्लाई फेल हो गई थी। इसके कारण डेढ़ घंटा यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। डेढ़ घंटा बाद फाल्ट को ठीक कर लिया गया था। यही था कि इंजन को ठीक कर लिया जाएगा। जब इंजन ठीक नहीं हुआ तो दूसरा इंजन मंगवाया गया था।
प्रेम किशोर, स्टेशन अधीक्षक जींद।