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गलत इनकम सर्टिफि केट बनवाकर गलत तरीके से दाखिला दिलवाने वाले अभिभावकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

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जींद। नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को गलत तरीके से दाखिला दिलवाने वाले अभिभावकों के लिए शिक्षा मौलिक निदेशालय ने इनकम सर्टिफिकेट की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। तहसील कार्यालय द्वारा जारी किए गए इनकम सर्टिफिकेट में अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में डीसी को आदेश जारी कर दिए हैं।
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आरटीआई के माध्यम से मौलिक शिक्षा निदेशालय से मांगी थी जानकारी
स्वास्थ्य सहयोग संगठन के प्रदेशाध्यक्ष बृजपाल परमार ने इस मामले में दो जुलाई 2018 को आरटीआई के जरिए मौलिक शिक्षा निदेशालय से जानकारी मांगी थी कि हरियाणा के चीफ सेेक्रेटरी द्वारा 30 मार्च 2017 को जारी किए गए आदेशों के अनुसार कितने जिलों में इनकम सर्टिफिकेट की जांच की गई है। इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पांच अप्रैल 2017 को जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को नियम 134ए के तहत दाखिला लिए हुए बच्चों के अभिभावकों के आय प्रमाण पत्र जांच करने के आदेश जारी कर दिए थे। मगर दोनों ही आदेशों के बाद अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में राज्य सूचना आयोग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने डीसी को इसकी जांच के आदेश जारी किए हैं।
अब तक 1100 से अधिक बच्चों के हुए दाखिले
सत्र 2019-20 में अब तक पहली लिस्ट के अनुसार जिलेभर में 1100 से अधिक बच्चों का दाखिला हो चुका है। पहली लिस्ट में 2756 बच्चों का दाखिला होना था। इसमें से 1400 से अधिक बच्चों ने स्कूल दूर होने की वजह से दाखिला नहीं लिया। जबकि दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट में 1517 बच्चों का दाखिला होना बाकी है। इन सभी बच्चों के अभिभावकों द्वारा दाखिला के समय जमा करवाए गए आय प्रमाण पत्र की जांच अब जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
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तहसील कार्यालय में जांच के बाद ही इनकम सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश जारी हुए हैं कि कोई ऐसा अभिभावक न हो जो गलत इनकम सर्टिफिकेट बनवाकर गलत तरीके से नियम 134ए में अपने बच्चों को दाखिला दिला दे। इसके चलते जरूरतमंद विद्यार्थी वंचित न रहे। मौलिक शिक्षा निदेशालय के आदेशों पर इस मामले में जांच की जाएगी। अगर कोई मामला सामने आता है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी जींद।
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