नरवाना। नरवाना हलका इनेलो का गढ़ रहा है। हर चुनाव में यहां कांग्रेस और इनेलो का मुकाबला दमदार रहा है। आखरी बार 1991 में संसदीय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मास्टर नारायणसिंह जीते थे। उसके बाद हर संसदीय चुनाव में इनेलो का प्रत्याशी विजयी होता रहा है। पहली बार इनेलो के गढ़ में मोदी फेक्टर चला और सुनीता दुग्गल को जीत मिली। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अशोक तंवर को 31012 वोट मिले थे। इस चुनाव में 147884 वोटरों ने अपने मत का प्रयोग किया, जिसमें से 415 वोट नोटा पर गए। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर को 30843 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल को 82166, इनेलो प्रत्याशी चरणजीत रोड़ी को 7172 मत और जेजेपी प्रत्याशी निर्मल सिंह मल्हड़ी को 19769 मत मिले। जनकराज अटवाल को 7172, अंकुल गिल को 428 वोट मिले। जबकि पिछले चुनाव में यहां इनेलो प्रत्याशी चरणजीत सिंह रोड़ी ने 74,773 वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी अशोक तंवर को 43,761 से ज्यादा वोटों से हराया था। उस समय तंवर को 31012 वोट मिले थे। उस समय भाजपा का हजका के साथ समझौता था। हजका प्रत्याशी सुशील इंदौरा को 23284 वोट मिले थे।