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जेजेपी पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप गिल ने छोड़ी पार्टी

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जींद। जेजेपी के पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप गिल ने वीरवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। गिल ने कहा कि उन्होंने अपनी राजनीति चौधरी देवीलाल के आदर्शों के साथ शुरू की, लेकिन अब पार्टी नेता जींद के विकास की नहीं, दूसरे नेताओं की रड़क निकालने की राजनीति कर रहे हैं। ऐसे में वे अपने सभी पदों व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं।
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रानी तालाब स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गिल ने कहा कि जेजेपी विकास की सोच लेकर चली थी, लेकिन अब पार्टी के नेता दूसरे नेताओं की रड़क निकालने पर उतर आए हैं। इस दौरान गिल ने कहा कि दिग्विजय चौटाला ने स्वयं कहा है कि उन्हें भूपेंद्र हुड्डा की रड़क निकालनी है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जींद उपचुनाव में भी वे रणदीप सुरजेवाला की रड़क निकालने के लिए मैदान में उतरे। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच से जींद पिछड़ जाएगा और जींद की रड़क निकल जाएगी।
गिल ने कहा कि जब से वे राजनीति में हैं, उनकी पार्टी सहित कांग्रेस व भाजपा की भी सरकार रही हैं, लेकिन जींद के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया गया। जींद के बड़े-बड़े नेता चाहे वे मांगेराम गुप्ता या चौधरी बीरेंद्र सिंह जींद के विकास के लिए लड़ाई नहीं लड़ी गई। गौरतलब है कि जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला जींद उपचुनाव में भी पार्टी के प्रत्याशी बने थे और अब वे सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से जेजेपी के उम्मीदवार हैं। इस दौरान गिल ने कहा कि हालांकि वे कभी टिकट की दौड़ में नहीं रहे, लेकिन एक ही व्यक्ति का इस प्रकार की राजनीतिक करना सही नहीं है। गिल ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने लोगों को जमीन से उठाकर नेता बनाया और अब उनकी पार्टी का नेतृत्व इसका उल्टा कर रहा है। गिल ने कहा कि वे एक-दो दिन में अपने समर्थकों के साथ विमर्श कर जींद के विकास की बात करने वाले नेता का साथ देने का ऐलान करेंगे।
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राजनीति में किसी को बाई नहीं दी जा सकती। किसी को आसानी से चुनाव नहीं जीतने दिया जा सकता। दिग्विजय को उम्मीदवार बनाने का फैसला पार्टी संगठन कहा है और वे पांच-छह विधानसभा क्षेत्रों में सभी उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। यदि प्रदीप गिल खुद को टिकट नहीं मिलने से यह फैसला ले रहे हैं तो क्या कहा जा सकता है।
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दुष्यंत चौटाला, सांसद हिसार।
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