नरवाना। हरियाणा में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (ब) का रिश्ता बन चुका है। पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली के बाद अब हरियाणा में भाजपा तथा शिअद मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इनेलो से राजनीतिक रिश्ते खत्म होने के बाद यह पहला मौका है, जब शिअद ने हरियाणा में भाजपा का बिना शर्त समर्थन करने का निर्णय लिया है। यह बात शुक्रवार को नरवाना में पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कही।
उन्होंने कहा कि शिअद और भाजपा का राजनीतिक मेलजोल कई राज्यों में है। शिअद के शीर्ष नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी की हरियाणा में मदद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव भाजपा और शिअद मिलकर लडे़ंगे। इससे सामाजिक और राजनीतिक एकजुटता आएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हराने के लिए यह मेल कामयाब रहेगा। इस दौरान शिअद के प्रदेश अध्यक्ष शरणजीत सिंह सोंटा तथा विधायक बलकौर सिंह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शिअद लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के लिए खुलकर काम करेगा। विधानसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में शिअद की सहयोगी है तथा वहां सत्ता में भागीदार भी रह चुकी है। पिछले चुनाव में भी दोनों दलों के बीच हरियाणा में गठबंधन की कोशिश हुई थी मगर बात नहीं बन पाई थी।