नोटबंदी के दो साल पर मनाया काला दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरकार द्वारा की गई नोट बंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने काला दिवस मनाते हुए सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य प्रमोद सहवाग की अगुवाई में कांग्रेसियों ने शुक्रवार को सरकार का पुतला फूंक कर नारेबाजी की।
सहवाग ने कहा कि सरकार के इस फैसले हर वर्ग को परेशानी उठानी पड़ी है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। लाखों लोगों का रोजगार चला गया, फैक्टरियों पर ताले लटक गए, नए रोजगार के अवसर खत्म हो गए। अब देश की अर्थव्यवस्था की पतली हालात पर रिर्जव बैंक की रिपोर्ट और आम चुनाव नजदीक देख मोदी और भाजपा के हाथ पांव फूल रहे हैं। सहवाग ने कहा कि नोटबंदी के कारण 120 से ज्यादा लोगों की असामयिक मौत व करोड़ों लोगों को हुई सहनीय पीड़ा हुई। इस अवसर पर रामकरण दास मंगला, बलवान लोहान, मंजीत सैनी, विनोद सिंगला, सौरभ भटनागर, परवीन बामणिया, डॉक्टर स्नेह लता, एडवोकेट विकास ओहलयाण, सतेंद्र मान, बाला शर्मा, करण बाल्मीकि, संतोष दातान, मयंक गर्ग, अजमेर रेढू मौजूद रहे।
दूसरी ओर कांग्रेस के एक गुट ने लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर नोटबंदी दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि नोटबंदी बिना सोचे समझे और बिना रिजर्व बैंक को भरोसे में लिए की गई। इसका खामियाजा देश की जनता को भुगताना पड़ा। इससे भी जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पूर्व विधायक दयानंद शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के कारण लाइनों में लगने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई।