अपने हाथ से बना खाना खिलाकर मनजीत से मिलेंगी संतोष
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एशियन गेम्स में 800 मीटर में गोल्ड विजेता मनजीत चहल मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां उनके पिता रणधीर सिंह चहल, भाई अमरजीत, मनजीत की पत्नी किरण व साढ़े चार वर्षीय बेटे अभीर से मनजीत की मुलाकात हुई लेकिन उनकी मां बिमला देवी का मनजीत से मिलने का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। दो दिन बाद मनजीत घर आएगा, उसके बाद ही मां की आंखों की तरस पूरी होगी।
गौरतलब है कि मनजीत पिछले सात माह से घर से बाहर हैं। पहले वह ऊटी और उसके बाद भूटान में अभ्यास में जुटे रहे। उनके एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने की भूख भी अपनी संतान की शक्ल देखने की ललक घर तक नहीं खींच पाई थी। उनके पिता रणधीर सिंह चहल ने बताया कि वह फोन पर भी कम ही बात करता था। उन्हें फोन करने की मनाही थी। जब मनजीत को फुर्सत होती स्वयं फोन पर सीमित बात करता था। बुधवार को सभी खिलाड़ियों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी के साथ लंच कार्यक्रम होगा और उसके बाद मनजीत चहल वीरवार को कार द्वारा नरवाना पहुंचेंगे। मनजीत चहल का बसंत विहार में ढोल नगाड़ों और बैंड बाजों के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। मंगलवार को जैसे ही मनजीत एयरपोर्ट पर पहुंचे, लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनका मालाएं डालकर स्वागत करने लगे। इस दौरान उनके घर उझाना से उनके पिता रणधीर सिंह चहल, भाई अमरजीत, पत्नी किरण व उनका साढ़े चार वर्षीय बेटा अभीर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनको मिलने का बहुत ही कम समय लगा। इसके बाद शाम को ही होटल में पूरा परिवार मिल पाया।
दो दिन और इंतजार सही
परिवार के सभी सदस्य एयरपोर्ट पर मनजीत से मिलने के लिए पहुंचे लेकिन उनकी मां बिमला देवी घर पर ही रही। बिमला देवी ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने काफी जिद की लेकिन उनका मन नहीं किया। वह अपने बेटे को जीभर कर देखना चाहती हैं लेकिन एयरपोर्ट पर इतना मिलने का समय कहां मिलता। बिमला देवी ने कहा कि जब तक वह मनजीत को अपने हाथों से खाना नहीं खिला लेगी, तब तक उसे संतोष नहीं मिलेगा।