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जन्म प्रमाण पत्र के लिए जींद से चंडीगढ़ तक काटवाए जा रहे चक्कर

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जन्म प्रमाण पत्र के लिए जींद से चंडीगढ़ तक कटवाए जा रहें हैं चक्कर
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव ईक्कस निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय केहर सिंह के बेटे रणबीर सिंह ने नागरिक अस्पताल प्रशासन पर जन्म प्रमाण पत्र के लिए परेशान करने के आरोप लगाए हैं। रणबीर सिंह ने कहा कि वह दिव्यांग है और इसके बावजूद उसके चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इसको लेकर रणबीर ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। वहीं नागरिक अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रणबीर सिंह ने दस्तावेज पूरे नहीं किए, जिसके आधार पर उन्हें जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सका है। इसके लिए डीसी को पत्र भेजा है। वे अपनी संतुष्टी पर प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं।
रणबीर सिंह का कहना है कि वह जन्म प्रमाण पत्र के लिए पिछले चार माह से कभी सामान्य अस्पताल तो कभी चंडीगढ़ के चक्कर काट रहा है। उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन रणबीर सिंह ने परिवार सहित सिविल सर्जन कार्यालय पर सोमवार को धरना दिया और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया। रणबीर सिंह ने कहा कि लगभग चार माह पहले उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र के लिए नागरिक अस्पताल में आवेदन किया था। आवेदन करने के साथ ही जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए ऑब्जैक्शन पर ऑब्जैक्शन लगते चले गए। धीरे-धीरे कर सभी ऑब्जैक्शनों को दूर भी किया गया। इस दौरान उसकी फाइल को स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय भेज दिया। किसी तरह वहां से फाइल निकलवाई गई और जींद पहुंच कर धीरे-धीरे ऑब्जैक्शनों को दूर किया गया। बावजूद इसके कभी यह अड़चन तो कभी यह अड़चन कहते हुए उसे कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह सौ प्रतिशत दिव्यांग है। स्वास्थ्य अधिकारियों की टाल मटोल की नीति के चलते उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते वह मानसिक परेशानी से तो गुजर ही रहा है साथ ही आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना देना पड़ रहा है।
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दस्तावेजों में कमी होने के चलते मार्गदर्शन के लिए भेजा गया मुख्यालय
दस्तावेजों में कमी होने के चलते मुख्यालय से मार्गदर्शन के लिए चंडीगढ़ रणबीर सिंह की फाइल का भेजा था। इसके लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया। इसके तहत जन्म और जन्म के समय माता-पिता की रिहायस के साक्ष्य देने होते हैं। रणबीर सिंह ने यह दस्तावेज नहीं होने के चलते डिप्टी रजिस्ट्रार प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता। ऐसी स्थिति में डीसी फैसला ले सकते हैं। अब यह मामला डीसी ऑफिस को भेजा गया है। डीसी कार्यालय अपनी संतुष्टी पर प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।
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-डॉ. संजय दहिया सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। इसकी जांच करवा ली जाएगी। यदि आवेदक औपचारिकताएं पूरी करता होगा तो उसे प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
-अमित खत्री, डीसी।
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