बदहाल हो रहा सेक्टर 11 का पार्क, टूटी दीवार और ग्रिल की तरफ नहीं किसी का ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के सेक्टर 11 का पार्क हालत इतनी बदहाल है कि वहां इंसान तो क्या जानवर भी बैठने में संकोच करते हैं। कहने को तो सेक्टर में पार्क है। लेकिन इस पार्क में सुविधाओं के नाम पर लोगों के साथ भद्दा मजाक है। पार्क में प्रतिदिन सफाई की बात तो दूर सालों से पार्क की टूटी हुई दीवार और ग्रील की तरफ भी किसी का ध्यान नहीं गया। जिसके कारण इस पार्क में आवारा पशुओं का आतंक भी आए दिन देखा जाता है।
पार्क की बदहाली को लेकर सेक्टरवासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को भी अवगत करवाया। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण यह लगातार बदहाली का शिकार होता जा रहा है। यहां के लोगों के अनुसार इस पार्क में कभी कोई सफाई कर्मी सफाई करने के लिए नहीं आता। जिसके कारण यहां पर बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। जिसके कारण पार्क में घूमना तो दूर की बात इसके साथ लगती सड़क पर जाने से भी लोगों को डर लगता है। पार्क में फैली घास और अन्य गंदगी में कोई जहरीला जीव जंतु अपना घर न बनाए हुए हो। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सेक्टरवासियों को डर रहता है।
सेक्टरवासी मेहर सिंह ने कहा कि इन पार्कों की सफाई ज्यादातर सेक्टरवासियों को खुद ही करनी पड़ती है। इस पार्क में बच्चों के लिए झूले तक की व्यवस्था नहीं है। पार्क का प्रयोग एक चरागाह के रूप में हो रहा है। पशु रखने वाले लोग पशुओं के लिए पार्क से घास काटकर ले जाते हैं।
वहीं सेक्टर निवासी साधूराम ने कहा कि जब से पार्क नगर परिषद् के अंडर में आए हैं जब से पार्कों की खस्ता हालत है। पार्क के आस-पास रहने वाले लोगों ने ही पार्क में काफी मात्रा में पौधे लगाए। पार्कों के एंगल टूटे हुए हैं। जिस कारण लावारिस पशु पार्कों में घुस जाते हैं और पार्कों में गंदगी फैलाते हैं। यहां तक कि पशु पेड़-पौधों को भी खा जाते हैं। प्रशासन का पार्कों की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
पार्कों के सुधार पर काम चल रहा है। जल्द ही लोगों को पार्कों की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। बच्चों के लिए झूले और लाइटें लगाई जाएगी और नियमित रूप से पार्कों की सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।
-पूनम सैनी नप चेयरमैन।