अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दो साल पहले हत्या के एक मामले में अदालत ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा। अदालत ने यह कार्रवाई 19 जुलाई 2015 को गांव धरोदी गांव में हुए मामले में की है।
धरोदी गांव निवासी धर्मबीर ने 19 जुलाई 2015 को पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उनके गांव में बीपीएल कोटे के प्लाट काटे जा रहे थे। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे। धर्मबीर के अनुसार उसका बेटा विक्रम भी वहां पर देखने के लिए चला गया। जहां पर प्लाट को लेकर दो गुटों में संघर्ष हो गया। इसमें उसके बेटे विक्रम की चाकू से वार करके हत्या कर दी गई। बाद में पुलिस ने गांव धरोदी के सरपंच महेंद्र सिंह, मंदीप व संदीप, नरेश, विजय उर्फ काला, बलराज, सुखीराम और दयानंद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए विजय उर्फ काला व बलराज को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।