अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
निजीकरण के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। रविवार को कर्मचारी प्रदेश स्तरीय हड़ताल का फैसला करेंगे। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने रोडवेज वर्कशॉप के बाहर नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं, यात्रियों को तपती गर्मी के बीच धूप में खड़े होकर बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा।
गौरतलब है कि नई परिवहन नीति के विरोध में रोडवेज कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि रविवार तक नई परिवहन नीति और निजी बसों पर सरकार कोई फैसला नहीं लेती तो प्रदेश भर में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सरकार की ओर से नहीं हुई सकारात्मक पहल
सरकार से बार-बार बातचीत होने के बावजूद निजी बसों को नहीं रोका जा रहा है। सरकार रोडवेज को बेचने का प्रयास कर रही है और रोडवेज कर्मचारी इसे बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन निजी बसों की वापसी तक जारी रहेगा। रविवार तक यदि सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती तो प्रदेश भर में हड़ताल की जाएगी। शनिवार को सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
अजीत नहर, सदस्य रोडवेज कर्मचारी संघर्ष समिति।
रोडवेज कर्मचारियों के अल्टीमेटम का आज अंतिम दिन
प्रदेश स्तरीय हड़ताल का हो सकता है एलान
फोटो नंबर
03जेएनडी27: बस स्टैंड के बाहर वाहनों का इंतजार करते यात्री।