जींद। जिले के 145 विद्यार्थियों को डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना का लाभ मिला है। जिला कल्याण विभाग ने इन विद्यार्थियों 11.64 लाख राशि दी गई है। 122 विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। इन विद्यार्थियों ने शर्तें पूरी नहीं की थीं। जब वह शर्तें पूरी करेंगे तब उनको योजना का लाभ मिल पाएगा। यह शर्तें जल्द ही पूरी करनी होगी तो विभाग आवेदन रद्द कर देगा।
जिला कल्याण विभाग के पास मुख्यालय की तरफ से डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के तहत लगभग तीन करोड़ की राशि जारी हुई की गई थी। विभाग के पास कुल 268 आवेदन आए थे। इनमें से 122 आवेदन अधूरे मिले। विभाग ने आवेदनकर्ताओं को कई बार शर्तें पूरी करने की सूचना भेज चुका है, लेकिन वे कागजात पूरे नहीं करवाए। अब 145 विद्यार्थियों को योजना के तहत लाभ दे दिया है। विभाग के पास अभी भी दो करोड़ 88 लाख 36 हजार रुपये अभी भी बचे हुए हैं।
आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना हरियाणा के विद्यार्थी, जिन्होंने 10वीं, 12वीं और स्नातक हाल ही में की है और आगे उनकी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, को डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह छात्रवृत्ति हरियाणा के सभी छात्रों के लिए है जो प्राइवेट, सरकारी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित, विमुक्त जाति और समाज के पिछड़े वर्ग के साथ सामान्य वर्ग के 11वीं कक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा के लिए आर्थिक मदद प्रदान करना है। उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अपने जीवन में अच्छा व्यवसाय कर सकें।
परीक्षा में यह प्रतिशतता जरूरी
डॉ. भीमराव आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना में 10वीं, 12वीं व स्नातक कक्षा में मेरिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह छात्रवृत्ति ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अनुसार अंक प्रतिशत के आधार पर दी जाती है। शहर के विद्यार्थी को 10वीं में 70 प्रतिशत अंक और ग्रामीण विद्यार्थी को 60 प्रतिशत अंक लेने पर आठ हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। पिछड़ा वर्ग ए के लिए शहर और गांव के हिसाब से दसवीं कक्षा में 70 तथा 60 प्रतिशत व पिछड़ा वर्ग बी के लिए 80 व 75 प्रतिशत रखी गई है। अन्य वर्ग में भी शहरी छात्र को दसवीं कक्षा में 80 प्रतिशत व ग्रामीण विद्यार्थी को 75 प्रतिशत अंक लाने आवश्यक हैं।
रद्द किए जाएंगे अधूरे आवेदन
जिला कल्याण विभाग कार्यालय में 122 आवेदन ऐसे आए हुए हैं जो अधूरे हैं। विभाग की तरफ से उन आवेदनकर्ताओं को बार-बार कागजात पूरे करवाने के लिए सूचना दी जा चुकी है। विभाग ने समाचार पत्र व अन्य सूचनाओं के माध्यम के अलावा कर्मचारियों को जानकारी लेने के लिए आवेदनकर्ताओं के घर भी भेजा जा चुका है, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब विभाग ने उन आवेदनकर्ताओं के आवेदन रद्द करेगा, जिन्होंने अपने कागजात पूरे नहीं किए हैं।
डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना के तहत विभाग ने 145 विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया है। 122 आवेदन अधूरे हैं। आवेदनकर्ता अपने सभी कागजात कार्यालय में जमा कर दें, ताकि उनको इस योजना का लाभ मिल सके। -नरेंद्र सिंह, जिला कल्याण विभाग अधिकारी, जींद।
01जेएनडी03-जिला कल्याण विभाग कार्यालय जींद। संवाद