जिला परिषद चेयरपर्सन पदमा सिंगला की अपील हाईकोर्ट में खारिज, अब होगी मतों की गिनती
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले छह महीने से जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान अब थम जाएगी। सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने चेयरपर्सन पदमा सिंगला द्वारा की गई अपील को खारिज कर दिया। अब तीन अक्तूबर को हुए मतदान की गणना होगी। इसमें विपक्ष के 19 पार्षदों ने मतदान किया था और सिंगला को कुर्सी से हटाने के लिए 18 मतों की जरूरत है। हालांकि मतदान के बाद सिंगला ने दावा किया था कि 19 में से कुछ पार्षदों ने उनके पक्ष में मतदान किया है।
दरअसल जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला के खिलाफ 16 अगस्त को 26 में से 22 पार्षदों ने शपथपत्र देकर अविश्वास जताया था। इसके बाद चार सितंबर की तारीख मीटिंग के लिए तय की गई। इस दौरान प्रशासन ने मीटिंग को रद्द कर दिया। पदमा सिंगला का कहना है कि विरोधी पार्षदों के नहीं आने के बाद प्रशासन ने ऐसा किया है। इस मामले में पदमा सिंगला ने अविश्वास प्रस्ताव गिरने का तर्क देते हुए अदालत में याचिका लगाई थी। जिस पर तीन अक्तूबर को मतदान की तारीख रखी गई, लेकिन हाईकोर्ट ने मतदान का परिणाम सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही यह मामला अदालत में चल रहा था। सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने पदमा सिंगला की याचिका रद्द कर दी है। अब तीन अक्तूबर को हुए मतदान की गणना होनी है। इस पर जिला परिषद की चेयरपर्सन का भविष्य तय होगा।
चेयरपर्सन सहित तीन पार्षदों ने नहीं किया मतदान
तीन अक्तूबर को हुए मतदान में जिला परिषद के वार्ड नंबर छह के मोनू, वार्ड नंबर 16 के अमित, वार्ड नंबर 23 की कोमल तथा वार्ड नंबर 26 से पार्षद रीना अनुपस्थित रहे। वहीं मतदान के दौरान चेयरपर्सन पदमा सिंगला, विनोद सैनी व सतीश पहलवान ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। अविश्वास प्रस्ताव कुल 19 पार्षदों में मतदान किया था। गणित के हिसाब से विरोधी पार्षदों को 18 मत चाहिए।
रद्द हुई है अपील
अदालत में हमारी याचिका रद्द कर दी है। अब मतों की गिनती होनी है। इसी के आधार पर आगे का फैसला होगा, मैं इस मामले में आगे अपील नहीं करूंगी।
- पदमा सिंगला, चेयरपर्सन, जिला परिषद।
विपक्ष की होगी जीत
जिला परिषद में लगातार भेदभाव चल रहा है। इसके चलते ही पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया था। अब यह मामला हाईकोर्ट से रद्द हो गया है। मतगणना पर विरोधी पक्ष की जीत होगी।
- विकास बूराडहैर, जिला पार्षद।