राष्ट्रीय गोशाला धड़ौली से 673 गोवंश आसाम भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। गांव धड़ौली की राष्ट्रीय गोशाला से 673 गोवंश, जिसमें दो से साढ़े तीन वर्ष आयु की बछड़ियां व 5 दर्जन सांड़ शामिल हैं, आसाम के चिरांग जिला के लिए रवाना कर दिए गए हैं। इस गौवंश की बछड़ियां राष्ट्रीय गौशाला धड़ौली से ली गई हैं। जबकि गिर नस्ल के पांच दर्जन सांड़ हरिद्वार स्थित स्वामी रामदेव की गोशाला से लाए गए हैं। राष्ट्रीय गोशाला से इन बछड़ियों के सिफ्ट करने का कारण गोशाला में गोवंश भूखे मरने की स्थिति में है। गोशाला की 1500 गायों को रखने की क्षमता है लेकिन यहां इनकी संख्या लगभग 2500 हो गई थी। इस कारण प्रतिदिन गायों की हालत खराब हो रही थी। यह गोवंश एक विशेष मालगाड़ी से सोमवार सुबह रवाना हो गया। रेलगाड़ी के एक डिब्बे में 15 गायों को रखा गया है। चार दिन में यह गाड़ी आसाम पहुंच जाएगी।
इस व्यवस्था को संभाल रहे पतंजलि हरिद्वार के ब्रह्मचारी संदीप ने बताया कि सभी डिब्बों में पानी व चारे की पर्याप्त व्यवस्था के साथ 50 से अधिक लोग इस गोवंश के साथ रहेंगे। स्वामी रामदेव ने आसाम के चिरांग में पतजंलि योग पीठ ट्रस्ट के नाम से 700 एकड़ जमीन में गोशाला की स्थापना की है, जहां इस गोवंश को ले जाया जा रहा है। इधर राष्ट्रीय गोशाला के प्रधान सुधार देशवाल ने बताया कि उनकी गोशाला में गोवंश भूखे मरने की स्थिति में है, जहां पांच से सात गाय रोज मर जाती हैं क्योंकि गोवंश की संख्या के मुकाबले गोशाला में न तो पर्याप्त शेड है और ना ही चारे की व्यवस्था है। देशवाल ने बताया कि स्वामी रामदेव की संस्था को यह गोवंश दान में यह सोचकर दिया गया है कि बछड़ियां भूख के कारण मरने से बचेंगी और आसाम में उनका पोषण हो सकेगा। देशवाल ने बताया कि रामदेव की संस्था आसाम में दुग्ध उत्पाद तैयार करने का व्यापार करेगी। सरकार जो सहायता राशि देती है, उसमें काम नहीं चल पाता। लोगों से भी चंदा इकट्ठा करते हैं लेकिन जगह पर्याप्त नहीं मिलती। उनके पास फिलहाल एक हजार के आसपास सांड़ हैं, जिनको अप्रैल महीने में छोड़ दिया जाएगा। सोमवार सुबह इस रेलगाड़ी को सफीदों विधायक जसबीर देशवाल व पतंजलि हरिद्वार से आए स्वामी दिव्यदेव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हरियाणा में भूख से नहीं मर रहीं गायें
हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला ने कहा कि इसमें शक नहीं कि स्वामी रामदेव की संस्था में गोवंश को बेहतर स्थिति मिलेगी लेकिन यह कहना कतई ठीक नहीं कि हरियाणा की किसी भी गोशाला में गोवंश भूखे मरने की स्थिति में है। राष्ट्रीय गोशाला समेत प्रदेश की सभी 525 गोशालाओं को उनका आयोग अनुदान देता है। चालू वित्तवर्ष में भी दो बार यह अनुदान दिया जा चुका है। प्रदेश की गोशालाओं में गोवंश के लिए चारे की स्थिति पर उनके आयोग की लगातार नजर है।