रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का छठा दिन, कार्यदिवस के दिन परेशान रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते छठे दिन सोमवार होने के कारण लोगों की परेशानी दिखी। स्कूल खुलने के कारण निजी स्कूलों की 30 में से महज दस बसें ही चल पाईं। इनमें से भी कुछ बस सुबह नौ बजे के बाद पहुंची और दोपहर दो बजे से पहले ही चली गईं। वहीं निजी बस ऑपरेटर भी मनमानी पर उतर आए हैं। सोमवार को निजी बस ऑपरेटरों ने मूल रूट छोड़कर मनमाने रूटों पर बस चलाई और कुछ ऑपरेटरों ने तो विद्यार्थियों को बस में भी नहीं चढ़ने दिया। जब इसकी शिकायत लेकर विद्यार्थी पूछताछ कार्यालय में कर्मचारियों के पास पहुंचे तो उन्होंने भी इसमें असमर्थता जताई। वहीं रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में कर्मचारी महासंघ के कई विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है और 26 अक्तूबर को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़ी विभागों की यूनियन भी सामूहिक अवकाश लेंगी। इससे आने वाले दिनों में जिला के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। निज बस ऑपरेटरों की शिकायत लेकर दोपहर करीब दो बजे कुछ छात्र पूछताछ कार्यालय पहुंचे और यहां मौजूद कर्मचारियों को कहा कि अंकल निजी बस वाले बस में नहीं चढ़ने दे रहे। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि छत पर चढ़ जाओ। विद्यार्थियों ने कहा कि छत पर चढ़ने से भी रोका जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों ने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते। रोहतक जाने वाली एक बस ने छात्राओं को चढ़ने से रोकने के लिए बस की खिड़की तक बंद कर दी। हालांकि मामला मीडिया में आते देख खिड़की खोल दी गई।
यूं बिगड़े हालाता
यात्रियों को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा जींद में 30 बस निजी स्कूलों की लगाई हैं, लेकिन सोमवार को स्कूल खुलने के कारण महज दस बस ही बस स्टैंड पहुंची। इसमें से भी अधिकतर बस सुबह नौ बजे के बाद पहुंची और स्कूल की छुट्टी के समय चली गई। इससे हालात काफी बिगड़ गए हैं। दिन भर बस स्टैंड पर यात्री परेशान रहे। कोई भी बस आती तो वह बूथ पर लगने से पहले ही पूरी तरह भर जाती। इससे महिला यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उदाहरण के लिए जींद से गोहाना रूट पर सामान्य दिनों में हर आठ मिनट में एक रोडवेज व एक निजी बस निकलती है। ऐसे में यदि रोडवेज बस बंद है तो 16 मिनट बाद निजी बस आनी चाहिए, लेकिन सोमवार को करीब दो घंटे तक गोहाना बूथ पर कोई बस नहीं आई।
50 बसों की निकाली हवा
सरकार से जींद डिपो को 14 नए चालक मिले हैं। सोमवार को प्रशासन ने इनको बस देकर रूट पर भेजा। इस पर रोडवेज कर्मचारियों ने वर्कशॉप व बस स्टैंड में खड़ी रोडवेज की बसों की हवा निकाल दी। करीब 50 बसों की हवा निकालने जाने के चलते मौके पर एसडीएम विरेंद्र सहरावत को बुलाया गया, लेकिन तब तक कर्मचारी यहां से जा चुके थे।
शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार को कई संगठनों ने समर्थन किया। कई संगठनों ने धरना दिया तो सभी यूनियनों से संबंधित अध्यापकों ने दोपहर बाद रोडवेज वर्कशॉप से डीसी ऑफिस तक प्रदर्शन किया। तालमेल कमेटी के सदस्य राजेश खर्ब ने बताया कि सरकार कर्मचारियों के साथ बातचीत नहीं कर हठधर्मिता अपना रही है। ऐसे में सभी कर्मचारी अब रोडवेज कर्मचारियों का साथ देंगे। वहीं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को काले बिल्ले लगाकर काम किया।
निजी बस नहीं करेंगी हड़ताल
निजी बस ऑपरेटर सरकार व यात्रियों के साथ है। यात्रियों अब निजी बसों की सबसे अधिक जरूरत है, ऐसे में हड़ताल का सवाल ही नहीं है। कुछ लोग इस प्रकार की अफवाह फैला रहे हैं।
सुनील कुमार, प्रदेशाध्यक्ष दी हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ हरियाणा।
सभी विभागों के कर्मचारी साथ
सरकार बातचीत नहीं कर हठधर्मिता अपना रही है। इसके विरोध में सभी विभागों के कर्मचारी 25 अक्तूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे और यहीं से कर्मिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा। 10-12 लोग अनशन पर बैठेंगे। 26 अक्तूबर को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो आगे का आंदोलन तय किया जाएगा।
रामफल दलाल, जिला प्रधान सर्व कर्मचारी संघ।
यह बेहद गंभीर मामला है। सहकारी बसों को अपने रूट पर ही चलना चाहिए, लेकिन यदि ऐसा किया तो इसकी जांच करवाई जाएगी। यदि छात्राओं को बस में चढने रोका गया है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मुनीष नागपाल, एडीसी