जूनियर खिलाड़ियों के लिए 31 अगस्त को जींद में प्रदर्शन करेंगे पूर्व खिलाड़ी और अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेशभर के जूनियर व सब जूनियर खिलाड़ियों को मिलने वाली सरकारी सहायता नहीं देने के विरोध में अब प्रदेशभर के पूर्व खिलाड़ी और खिलाड़ियों के अभिभावक सरकार के खिलाफ उतर गए हैं। युवा जगाओ खेल बचाओ एसोसिएशन के नेतृत्व में अब जींद से आंदोलन का आगाज किया जाएगा। इसको लेकर एसोसिएशन की मीटिंग मंगलवार को डीआरडीए में हुई। इस दौरान एसोसिएशन ने कुल 20 मांगों का प्रस्ताव पास कर सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया। अब 31 अगस्त को जींद में प्रदर्शन किया जाएगा।
एसोसिएशन के प्रधान दलीप सिंह मलिक ने बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय स्तर, एशियाई खेलों में पदक व अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले जूनियर व सब जूनियर खिलाड़ियों का प्रोत्साहन राशि देनी शुरू की थी। 2014-15 तक यह राशि खिलाड़ियों को मिलती रही, लेकिन इसके बाद से नहीं मिली है। ऐसे में अब सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर खिलाड़ियों व खेल को बचाने की मुहिम शुरू की जाएगी। अब 31 अगस्त को प्रदेशभर के पूर्व खिलाड़ी व वर्तमान खिलाड़ियों के अभिभावक जींद में प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कई अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ी भी भाग लेंगे। इस मौके पर अजय मलिक, तेग सिंह मलिक सेवानिवृत्त डीएसओ, सतीश लाठर, धर्मबीर मलिक मौजूद रहे।
यह मिलती थी प्रोत्साहन राशि
दलीप सिंह मलिक के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल विजेता को तीन लाख रुपये, सिल्वर मेडल पर दो लाख रुपये व कांस्य पद विजेता को एक लाख रुपये की राशि दी जाती थी। वहीं एशियाई खेलों में पांच, चार व तीन लाख रुपये देने के प्रावधान है। इसी प्रकार वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल पर 20 लाख , सिल्वर पर 15 व कांस्य पर दस लाख रुपये मिलने चाहिए।
एसोसिएशन की मांगें
एसोसिएशन ने मांग की कि जूनियर व सब जूनियर खिलाड़ियों को बकाया नकद राशि दी जाए। खेल का बजट बढ़ाया जाए और खेल को अनिवार्य सूची में डाला जाए। एशियार्ड खेल-2014, कॉमनवेल्थ व अन्य खेलों में पदक के अनुसार नौकरी दी जाए। स्कूल व कॉलेज में खेल को अनिवार्य किया जाए। ग्रामीण स्तर पर कम से कम दस हजार कोच की व्यवस्था की जाए। कुश्ती व खेल केंद्र संचालकों को मानदेय दिया जाए। हरियाणा का खिलाड़ी कहीं से भी खेलने पर कैश अवॉर्ड दिया जाए। नौकरी में खेल आरक्षण का कोट बढ़ाया जाए। ओलंपिक व विश्व पदक विजेता खिलाड़ियों को राष्ट्रीय संपदा घोषित किया जाए। सभी राजनीतिक दल अपने चुनाव घोषणा पत्र में खेल व खिलाड़ियों के विकास के वादे करें।
सिर्फ जूनियन व सब जूनियर खिलाड़ियों के साथ भेदभाव
दलीप सिंह मलिक के अनुसार यह भेदभाव सिर्फ जूनियर व सब जूनियर खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जबकि उन्हें मदद की सबसे अधिक जरूरत होती है। ठीक सीनियर खिलाड़ियों की तरह ही वे भी देश के लिए खेलते हैं।