अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कैथल रोड स्थित दया बस्ती में 50 वर्षीय व्यक्ति ने रविवार सुबह दस बजे अपनी दो नाबालिग बेटियों को जहर खिलाकर खुद भी खा लिया। इससे पहले उसने अपने दो छोटे बेटों को घर से बाहर निकाल दिया। तीनों को गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां पिता की मौत हो गई जबकि दोनों बेटियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने शव नागरिक अस्पताल में रखवा दिया है। दस दिन पहले मृतक व्यक्ति की पत्नी ने भी सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दया बस्ती में रहने वाला महेश ट्रैक्टर चलाकर अपना गुजारा करता था। वह ट्रैक्टर से बिल्डिंग मैटीरियल की सप्लाई करता था। दस दिन पहले उसका पत्नी के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस कारण उसकी पत्नी राजबाला ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। महेश के 4 बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ी बेटी 16 वर्षीय काजल जोकि 11वीं कक्षा में पढ़ती है। इसके बाद 14 वर्षीय कोमल जोकि नौवीं कक्षा में पढ़ती है। नौ वर्षीय बेटा आर्यन व सात वर्षीय ईशांत हैं। राजबाला की मौत के बाद महेश परेशान रहने लगा। रविवार को राजबाला की तेहरवीं थी। तेहरवीं के बाद जब सभी लोग घर से चले गए तो महेश ने राजबाला के कपड़े व जेवरात घर के आंगन में डाल लिए और रोने लगा। पड़ोसियों ने उसे काफी समझाया। कुछ देर बाद महेश ने अपने बेटे आर्यन व ईशांत को घर से निकाल दिया और अंदर की कुंडी लगा ली। इसके बाद उसने अपनी बेटी काजल व कोमल को सल्फास की गोली खिला दी और खुद भी खा ली। घर से बाहर निकाले बच्चों ने सूचना पड़ोसियों को दी। पड़ोसियों ने घर पहुंचकर तीनों की हालत खराब होने पर शहर के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान महेश की मौत हो गई जबकि दोनों बेटियों की हालत गंभीर बनी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।