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कानून में बदलाव के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग, आतंक के माहौल में दुकानदारों ने गिराए शटर

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी कानून में किए गए बदलाव के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों ने जिला भर में प्रदर्शन किया। इस दौरान जींद व नरवाना शहर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाजार बंद करवाने के लिए हजारों की भीड़ एक साथ जयंती देवी मंदिर से चली तो भीड़ से आतंकित व्यापारियों ने दुकानों के शटर गिरा दिए। हालांकि जुलूस निकल जाने के बाद फिर से शटर उठा दिए गए। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भारत सिनेमा के पास रोडवेज की बस के शीशे तोड़ दिए और राजकीय कॉलेज के पास आम आदमी पार्टी नेता लक्ष्मीनारायण बंसल के साथ मारपीट की। लक्ष्मीनाराण बंसल ने इसकी शिकायत सिविल लाइन पुलिस को दी है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानून में बदलाव करने के विरोध में और केंद्र सरकार द्वारा इसके विरोध में अध्यादेश लाने की मांग करते हुए सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इसके लिए कई सारे दलित संगठन सोमवार सुबह ही जयंती देवी पार्क में एकत्रित हो गए। सुबह करीब 11 बजे अलग-अलग जत्थों में जुलूस लेकर अलग-अलग संगठन बाजार बंद करवाने के लिए निकले। इस दौरान सबसे पहले रुपया चौक पर जाम की स्थिति बन गई। यहां करीब दो घंटे तक जुुलूस निकला, इसके बाद ही वाहनों को निकाला गया।
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आप के नेता से मारपीट, गाड़ी के शीशे तोड़े
सोमवार को दलित संगठनों के प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के जींद हलका प्रधान और एसडी स्कूल प्रबंधक समिति के प्रधान लक्ष्मीनारायण बंसल के साथ राजकीय कालेज के सामने भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मारपीट की। इतना ही नहीं उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और उनके कपड़े फाड़ डाले। इसको लेकर लक्ष्मीनारायण बंसल ने सिविल लाइन थाना में तीन लोगों को नामजद कर शिकायत दी है।

डीसी दो बार आए भीड़ के बीच
लघु सचिवालय में ज्ञापन देने पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने डीसी अमित खत्री को ज्ञापन दिया। इस दौरान डीसी ज्ञापन लेकर वापस कार्यालय में चले गए। इस पर प्रदर्शनकारियों ने यह कहते हुए हंगामा कर दिया कि डीसी ने उन्हें संबोधित नहीं किया। ऐसे में दोबारा डीसी लोगों के बीच आए और संबोधित किया।

शहर में रहा तनाव का माहौल
सुबह 11 बजे से लेकर करीब साढ़े 12 बजे तक प्रदर्शनकारी बाजार में रहे। इस दौरान दुकानदारों में तनाव का माहौल रहा। कुछ जगह पर प्रदर्शनकारियों ने जबरन दुकानें बंद करवाई। हालांकि अधिकतर जगह हाथ जोड़ कर बाजार बंद करने की अपील की गई।

बेटियों को नहीं दिला पाई कपड़े
विरोध प्रदर्शन के बीच बुवाना गांव निवासी ओमपति को परेशानी उठानी का सामना करना पड़ा। ओमपति ने बताया कि उसे मंगलवार को दो बेटियों को ससुराल भेजना है। उनके लिए कपड़ा दिलवाने आई थी, लेकिन बाजार बंद होने के कारण उन्हें कपड़ा नहीं मिल रहा।

चार घंटे बंद रही रोडवेज की सेवाएं
प्रदर्शन को देखते हुए चार घंटे तक रोडवेज की सेवाएं बंद रहीं। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे रोडवेज की बसों को बस स्टैंड और वर्कशॉप में बंद कर दिया गया। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे बसों का परिचालन दोबारा शुरू हो सका।

नरवाना में बाजार बंद करवाने के दौरान झड़प, बस स्टैंड के सामने जाम लगा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा
फैसला वापस नहीं लेने पर धर्म परिवर्तन करने का ऐलान
एससी एसटी एक्ट में किए गए बदलाव के विरोध में सोमवार को नरवाना में अंबेडकर समाज के आरक्षण बचाओ आंदोलन के दौरान दोपहर तक पूरा बाजार बंद रहा, जिन दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद नहीं की थी। हजारों की सख्यां में मौजूद प्रदर्शनकारी जब हरियल चौक पर पहुंचे तो हिसार-चंडीगढ़ और दिल्ली-पटियाला हाइवे पर लगभग चार घंटे तक लगा रहा। एसडीएम डॉ. किरण सिंह व डीएसपी कुलवंत बिश्नोई ने हरियल चौक पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को उनकी आरक्षण संबंधी मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार इस कानूनी बदलाव को सही नहीं करती तो समाज के लोग धर्म परिवर्तन करने को मजबूर होंगे।

जुलाना में रोड जाम कर जताया रोष
मांगों को लेकर एससी समाज के लोगों ने दलित अधिकार मंच जुलाना के बैनर तले कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया और बाजार को बंद करवाकर जींद-रोहतक मार्ग पर जुलाना में पुराने बस स्टैंड पर बैठ गए और सड़क को जाम कर दिया। तहसीलदार शिव कुमार और जुलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम को खुलवाया।
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सफीदों में पूरी तरह रहा बाजार बंद
एससी-एसटी कानून पर सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया से नाराज एससी वर्ग के लोगों ने सोमवार को भारत बंद के आह्वान शहर की प्रत्येक सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्णरूप से बाजार बंद रहा। जिसमें सभी दुकानदारों ने एससी समाज के लोगों को सहयोग किया। कुछ शरारती प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों को अपना निशाना भी बनाया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर ज्ञयानी राम निजी अस्पताल के साथ कई दुकानदारों द्वारा दुकान बंद नहीं किए जाने पर उनके शीशे भी तोड़ दिए।
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