अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरकार की ई-प्रणाली के विरोध में गांव के सरपंचों ने आंदोलन का बिगुल जींद की जाट धर्मशाला में राज्य स्तरीय सरपंच और ग्राम सचिव एसोसिएशन की बैठक कर बजा दिया है। सरपंचों ने प्रदेश सरकार को चेताते हुए शीघ्र मांगों को मानने का अल्टीमेटम भी दिया है। बैठक में सरकार की ई-प्रणाली का विरोध करते हुए इसे शीघ्र बंद करवाने की मांग की। सरपंचों ने कहा कि इस यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती तो प्रदेश भर की सरपंच एसोसिएशन सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगी। इसके बाद प्रदेश भर से पहुंचे सरपंचों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर विरोध जताया।
सरपंच एसोसिएशन के जींद जिला के प्रधान सुरेंद्र सिंह राणा और ग्राम सचिव के प्रदेशाध्यक्ष नरेश धनखड़ ने संयुक्त रूप से प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर पर ई-प्रणाली के विरोध में जमकर बरसे और कहा कि शीघ्र ही इस ई-प्रणाली को वापस नहीं लिया तो यह प्रदेश सरकार के लिए आगामी चुनावों में खतरे के बादल के रूप में मंडराने का काम करेंगे। गांवों के चौधरियों ने प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को चेताया कि वह अपनी मांगों को लेकर 22 मार्च को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर पंचायतों के सभी कार्यों को बंद करेंगे। इसके बाद भी अगर प्रदेश के मुखिया ने इनकी बात नहीं मानी तो वह 28 मार्च को चंडीगढ़ में हजारों की संख्या में सीएम आवास का घेराव कर सरकार को मांगें मानने के लिए बाध्य करेंगे।
यह है एसोसिएशन की मांगें
सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेंद्र राणा ने कहा कि ई-प्रणाली को पूर्णत: बंद किया जाए और पंचायती राज को लागू किया जाए। ग्राम सचिव का टीएडीए 20 रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये मासिक किया जाए। सरपंच और पंच पद के वेतन में वृद्धि की जाए।
सरपंच एसोसिएशन ने सीएम का फूंका पुतला
जींद की जाट धर्मशाला में सरपंच और ग्राम सचिव एसोसिएशन की बैठक ने सरकार के विरुद्ध अपने आंदोलन का बिगुल बजाते हुए गोहाना रोड पर प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंककर इस ई-प्रणाली का विरोध जताया।
सीएम के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग
मीटिंग के दौरान जाट धर्मशाला में अपने जोश में कुछ सरपंच मर्यादा ही भूल बैठे। यहां कई वक्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग तक कर दिया। कई चौधरियों ने सीएम को चंडीगढ़ में जाकर जूते मारने तक की बात भी खुले मंच के माध्यम से कही। हालांकि ऐसे बयान देने वाले सरपंच अन्य लोगों के निशाने पर बैठक में ही आ गए।