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चुनावी जंग में निम्न स्तर के प्रचार के लिए सोशल मीडिया को बनाया जा रहा है आधार

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चुनावी जंग में मुद्दों से भटकाने के लिए सोशल मीडिया को बना रहे हथियार
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। उपचुनाव के लिए मतदान में अब महज चार दिन बचे हैं। इसी बीच पिछले तीन दिन से चल रहे वीडियो वार में व्यक्तिगत आरोपों वाली पोस्टें आम हो चली हैं। हालांकि लोग उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की पोस्ट का सहारा ले रहे हैं, लेकिन जींद के लोग इसे सही नहीं मान रहे।
लोगों के हित की हो बात
चुनाव के दौरान लोग व्यक्तिगत मुद्दे बताकर लोगों के खिलाफ प्रचार करते हैं। यह सही नहीं है। लोगों के हित की बात होनी चाहिए। चुनाव में सोशल मीडिया पर नेताओं के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाने से जनता का भला नहीं होगा।
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सुंदर दलाल।
मुद्दों पर हो राजनीति
आज राजनीति अपने उद्देश्य से भटक कर दूसरे रास्ते पर जा चुकी है। लोगों के समक्ष विकास की बात करने के बजाय नेता आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मतदाताओं को बरगला रहे हैं। यह सही नहीं है। विकास की बात करने वाले नेताओं को ही वोट दिया जाना चाहिए।
रमेश बडक
माहौला खराब करने के लिए हो रहा सोशल मीडिया का उपयोग
सोशल मीडिया आधुनिक युग की जरूरत है, लेकिन कुछ लोग सिर्फ माहौल खराब करने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। विशेषकर चुनाव के माहौल में संयमित तरीके से ही पोस्ट डाली जानी चाहिए। लोगों को उनके असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
विकास।
मुद्दों से भटकाने का प्रयास
यह मुद्दों से लोगों को भटकाने का प्रयास है। लोगों को विकास चाहिए, मगर उन्हें नेताओं के व्यक्तिगत मामलों में उलझाया जा रहा है, ताकि चुनाव में वास्तविक मुद्दे नेताओं की जुबान से दूर रहें। इस प्रकार की सामग्री से बचा जाना चाहिए। चुनाव विकास के मुद्दे पर होने चाहिए।
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अमरीक
लोगों को विकास की दरकार है और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत आरोपों वाली पोस्ट डालकर इससे ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है। यह सही नहीं है। चुनाव के दौरान जब मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा होनी चाहिए, उस समय ऐसी बातों को हवा दी जा रही है, जिनका लोगों से कोई सरोकार नहीं है।
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