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चार साल पहले जींद आगमन पर सीएम ने की थी मेडिकल कालेज की घोषणा, अभी तक काम नहीं हुआ शुरू

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चार साल पहले मेडिकल कॉलेज की घोषणा, अभी तक काम नहीं हुआ शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आने वाले कुछ समय में जींद में होने वाले उपचुनाव में भाजपा अपने किन कार्यों को दिखाकर वोट मांगेगी। यह भाजपा के सामने बड़ा प्रश्न होगा। इसका कारण यह है कि चार साल पहले 2014 में भाजपा सरकार ने शपथ ली थी। इसके बाद सीएम ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में अनेकों घोषणाएं कीं, लेकिन शायद ही कभी पीछे मुड़कर यह देखा होगा कि इनमें से कितनी घोषणाओं को पार लगाया जा चुका है। इसी प्रकार घोषणाओं का शहर बना जींद भी अपने विकास के लिए सीएम की और टकटकी लगाए बैठा है। सीएम ने अब तक जिले में 372 घोषणाएं की हैं। इनमें से 99 तो पूरी हो गई है। 97 पर काम चल रहा है, जबकि 171 पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। यह घोषणाएं सिर्फ घोषणा बनकर ही रह गई। चार साल के कार्यकाल में सरकार ने 50 फीसदी घोषणाओं को भी पूरा नहीं किया। सरकार की इन घोषणाओं में से 26.98 प्रतिशत पूरी हो पाई है। इसके अतिरिक्त 28.43 प्रतिशत पर काम चला हुआ है। 46.59 प्रतिशत घोषणाएं आज भी काम के इंतजार में हैं। इन घोषणाओं में सबसे ज्यादा वर्ष 2018 की हैं। यही घोषणा सरकार के प्रतिशत अनुपात को बिगाड़ रही हैं। पिछले सालों की तुलना में 2018 में सबसे ज्यादा घोषणा मनोहर सरकार ने जींद में की। इस वर्ष 144 घोषणाएं कीं। इनमें से आठ को पूरा किया गया व दो पर काम चल रहा है। 134 घोषणाएं अभी तक विभागों के दस्तावेजों में ही बंद हैं।
सीएम की 26 दिसंबर 2014 को मेडिकल कॉलेज की घोषणा की
26 अक्तूबर 2014 को सीएम तथा उसके मंत्रिमंडल ने शपथ ली थी। इसके दो माह बाद जींद आए सीएम ने एक मेडिकल कॉलेज की घोषणा की, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी इसका इंतजार बना हुआ है। अभी तक मेडिकल कॉलेज के नाम पर सीएम एक ईंट भी नहीं लगवा पाए। यही नहीं इसके अतिरिक्त जींद में सीएम ने सैकड़ों घोषणाएं की।
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तकनीकी शिक्षा के लिए हुई पॉलिटेक्नीक कॉलेज के लिए चार साल में नहीं मिली जमीन
सीएम ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चार साल पहले जींद में पॉलिटेक्नीक कॉलेज की घोषणा की थी। इस घोषणा से जींद के युवाओं को शहर में सस्ते में तकनीकी शिक्षा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यह सरकारी दस्तावेजों से बाहर ही नहीं निकल सकी। इसके लिए प्रशासन को आज तक भी जमीन की तलाश बनी हुई है।
काम की नहीं घोषणाओं की है सरकार : राठी
इनेलो के जिला प्रधान कृष्ण राठी ने कहा कि भाजपा सरकार काम की नहीं, घोषणाओं की सरकार है। इस सरकार का कार्य ही लोगों को गुमराह करना और आपसी भाईचारे को खराब करना है। चार साल पहले की घोषणाओं पर आज तक एक ईंट भी नहीं लगना इस सरकार की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। राठी ने कहा कि अगर सरकार ने कार्य करना होता तो मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू हो गया होता। दूसरी तरफ सरकार की मंशा बच्चों को तकनीकी शिक्षा से दूर रखना है। तकनीकी शिक्षा के लिए अभी तक जमीन का चयन भी सरकार जींद में नहीं कर सकी।
विकास नहीं भाईचारा खराब करने वाली सरकार
कांग्रेस प्रदेश सचिव जगबीर ढिगाना ने कहा कि भाजपा का काम विकास नहीं भाईचारा खराब करने का है। चार साल के कार्यकाल में 26.98 प्रतिशत घोषणा पूरी होना। सरकार की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। चार साल के कार्यकाल में सरकार ने हड़ताल और धरने प्रदर्शन करने के लिए कर्मचारियों को मजबूर किया है। इस सरकार की मंशा अंग्रेजों की तर्ज पर प्रदेश को पूंजीपतियों के हवाले करने का है। इसका ताजा उदाहरण रोडवेज का निजीकरण है।
लगातार चल रहे विकास कार्य : राणा
भाजपा के जिला प्रधान अमरपाल राणा ने कहा कि जींद में बड़े प्रोजेक्टों की सरकार ने घोषणा की है। इन प्रोजेक्टों में से ज्यादातर पर काम शुरू हो चुका है। भाजपा पूरे प्रदेश में एक समान तर्ज पर विकास करवाती है। जींद के मेडिकल कालेज पर शीघ्र ही काम शुरू होने वाला है। इसके अतिरिक्त जींद में बाईपास, अंडरपास, समेत दर्जनों विकास कार्य गति पर हैं।
इस प्रकार है घोषणाओं का ब्योरा
वर्ष पूर्ण प्रोग्रेस अधूरी कुल
2014 4 1 3 10
2015 30 10 4 44
2016 44 45 15 107
2017 13 39 15 67
2018 8 2 134 144
मुख्यमंत्री की नरवाना हलके में घोषित कई योजनाएं लटकी
नरवाना। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 18 दिसंबर 2016 को नरवाना में कार्यकर्ता सम्मेलन करके हलके के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की थी, जिसमें से दो वर्ष बीत जाने के बाद भी काफी बाकी हैं। उस समय मुख्यमंत्री के सम्मुख हलके के विकास के लिए 108 मांगों की सूची रखी गई थी। जिस पर उन्होंने नरवाना में एक सुपर स्पेश्िािलटी हॉस्पिटल बनवाने, लड़कियों के लिए 20 किलोमीटर की परिधि में एक महिला कॉलेज बनाने, नरवाना में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर बनाने, भाखड़ा नहर से धरोदी माइनर को जोड़ने, दबलैन रोड पर अंडरपास बनाने, पार्क बनाने, नरवाना माइनर को कवर करके सात मीटर चौड़ी सड़क बनाने, कई गांवों में मार्केटिंग बोर्ड की सड़कें बनाने और बहुउद्देशीय हॉल बनाने की घोषणा की थी। मार्केटिंग बोर्ड की सात सड़कें और नरवाना माइनर को कवर करने के काम के अलावा कोई काम नहीं हुआ। इनमें से ओवर ब्रिज की जीएडी रिपोर्ट की फाइल रेलवे फाइल विभाग को भेजी गई थी। जिसमें उन्होंने कई खामियां निकाल दी जो दूर की जा रही हैं। इसके अलावा नरवाना माइनर के साथ साथ बनने वाली सात मीटर चौड़ी 2.33 किमी लंबी सीसी सड़क का एस्टीमेट सात करोड़ 44 लाख रुपये का भेजा गया है।
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जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे नरवाना के कार्यकर्ता: ईश्वर गोयल
नरवाना भाजपा के मंडल अध्यक्ष ईश्वर गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री की कई घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कई पर काम चल रहा है। जो बाकी हैं उनको लेकर कार्यकर्ता जल्द ही मुख्यमंत्री को मिलेंगे।
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