फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, 22 तक हड़ताल का ऐलान

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन माह के अस्थायी परिचालक और चालक के लिए 4221 ने किए आवेदन
विज्ञापन

रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, 22 तक हड़ताल का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चौथे दिन जिले में बेरोजगारी का आलम यूं दिखा कि रोडवेज में तीन महीने की अस्थायी भर्ती के लिए युवा रातभर बस स्टैंड के बाहर डटे रहे। प्रदेशभर में चालकों के लिए 504 व परिचालकों के लिए 930 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसमें अकेले जींद डिपो में ही चालकों के लिए 1764 और परिचालकों के लिए 2457 युवाओं ने आवेदन किया। दिनभर आवेदन करने वालों की भीड़ लगी रही। यहां तक की फोटो स्टेट की दुकान पर आवेदन फार्म भी 100 रुपये प्रति फार्म तक बिके।
दूसरी ओर प्रशासन द्वारा स्कूली बसों को रूट पर उतारने से लोगों को राहत मिली, लेकिन रोडवेज की बस नहीं चल पाई। वहीं रोडवेज में शुक्रवार को बस स्टैंड से औपचारिकता के लिए महज तीन बसें ही निकल पाईं। इन बसों पर प्रस्थान का बोर्ड तक नहीं लगा हुआ था। हालांकि जिलेभर में स्कूलों की 50 व को ऑपरेटिव सोसायटी की 90 बसों के चलने के कारण यात्रियों को काफी राहत मिली। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बसों में एक-एक एसपीओ भी तैनात किया गया। वहीं नरवाना में पुलिस ने कार्रवाई करते चार कर्मचारी रामनिवास, सतबीर, ईश्वर और नरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से रामनिवास, सतबीर व नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

शुक्रवार सुबह भी हड़ताल के कारण कर्मचारी नहीं होने पर रोडवेज जीएम आरएस पूनिया द्वारा तीन बसों को निकलवाया गया। तीनों बस पानीपत, कैथल व हांसी के लिए चलीं। हालांकि तीनों बसों में एक भी यात्री को नहीं बैठाया गया। वीरवार शाम रोडवेज में पहुंचीं 50 स्कूली बसों की सहायता लेनी पड़ी। 50 स्कूल बसों में से 30 बस जींद, दस सफीदों व दस नरवाना में पहुंचाई गईं। शुक्रवार सुबह 30 एसपीओ को सुरक्षा के लिए स्कूल की बसों में तैनात किय गया। हड़ताल कर्मचारियों में से 134 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया। 16 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। बताते चले कि 16 अक्तूबर को शुरू हुई दो दिन की हड़ताल को प्रशासन इस बार खत्म करने में सफल नहीं हो पाया। मंगलवार शाम कर्मचारियों पर हुई एफआईआर वापस नहीं होने के बाद बुधवार शाम को दो दिन की हड़ताल और बढ़ा दी थी। जिसके बाद बुधवार रात को हजारों लोग भर्ती की सूचना पाकर बस स्टैंड पर पहुंचे। रातभर इंतजार करने के बाद वीरवार दोपहर बाद जीएम ने भर्ती के लिए आए लोगों को वापस लौटा दिया। हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने के कारण शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने भर्ती के लिए आवेदन लेने की घोषणा की। इसके बाद जींद बस स्टैंड के बाहर भर्ती के लिए लोगों की भीड़ लग गई। स्कूल की छुट्टियों के चलते स्कूली बसों की सहायता से शुक्रवार को यात्रियों को कुछ राहत मिली। दोपहर समय सर्व कर्मचारी संघ ने रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और रोडवेज कर्मचारियों ने तीन दिन की हड़ताल और बढ़ा दी।
डीएसपी ने एसपीओ को लगाई फटकार
सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने सुबह डीएसपी परमजीत समोता एसपीओ सहित बस स्टैंड पर पहुंचे तो रोडवेज जीएम ने एसपीओ को किराया सूची की लिस्ट बनाकर दी। जब डीएसपी परमजीत ने एक एसपीओ को अपने रूट पर निर्धारित जगह का किराया पूछा तो उसने लिस्ट में देखने के बाद भी किराया गलत बताया। इसके बाद डीएसपी परमजीत समोता ने एसपीओ को फटकार लगाते हुए किराया सूची में देखकर किराया वसूलने के आदेश दिए।
खुले पैसे के चक्कर में एक रुपया किलोमीटर
स्कूलों की बस पर तैनात किए गए स्टाफ के पास खुले पैसे नहीं होने और विवाद से बचने के लिए एक रुपया प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लेने की व्यवस्था की गई है। हालांकि इस दौरान खुले पैसे चक्कर से बचने के लिए पांच, दस व 15 रुपये के हिसाब से टिकट चार्ट बनाया गया है।
रोडवेेज जीएम आरएस पूनिया ने बताया कि यात्रियों से एक किलोमीटर सफर करने पर एक रुपये किराया वसूला जाएगा। वहीं बस मालिकों को प्रति किलोमीटर 30 रुपये किराया दिया जाएगा।
लोकल रूट पर ही चलीं स्कूल बसें
स्कूली बस चलने से लोकल यात्रियों को कुछ राहत मिली। खास बात यह रही कि बस स्कूलों को लंबे रूट पर नहीं चलाया गया। इससे लंबे रूट पर चलने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वो बंसी लाल तो थे क्या यह भी मनोहर लाल हैं
तीन दिन से भर्ती के इंतजार में बैठे लोगों को सुबह चार बजे जब लोगों को वापस जाने को कहा गया तो राजेश, कृष्ण, दीपक, देवेंद्र व रणबीर ने कहा कि बंसीलाल के समय में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने पर लोगों को पकड़-पकड़ कर भर्ती किया गया था। ऐसे में हमें भी आस है कि मनोहर लाल की सरकार में भी उनकी भर्ती होगी।
राजनीतिक पार्टियों का मिला समर्थन
मांगों के लिए हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन करते हुए बस स्टैंड के बाहर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता कर्मवीर सैनी ने रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी मांगें मानकर तुरंत हड़ताल समाप्त करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की यह मांग पूरी तरह जायज है कि रोडवेज बेड़े में दस हजार नई बसें शामिल की जाएं क्योंकि आए दिन पंचायतें व छात्र-छात्राएं रोडवेज बसों को चलाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। धरने पर इनेलो डॉ. कृष्ण मिढा, जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी सहित कई नेताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया। हालांकि गिरफ्तारी के भय से अधिकतर कर्मचारी नेता भूमिगत रहे।
बिना टिकट हुआ सफर
भले ही लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने स्कूल बस हायर की है और शुक्रवार को इनका असर भी दिखा, लेकिन स्कूल बस में यात्रियों को टिकट नहीं मिला। इसको लेकर कुछ यात्रियों ने स्कूल बसों के क्लीनरों के साथ कहासुनी भी की, लेकिन बस में मौजूद एसपीओ ने उन्हें व्यवस्था के बारे में बताया।
विज्ञापन

दिल्ली जाना था, हड़ताल केे कारण हुआ लेट
मुझे किसी निजी काम से दिल्ली जाना था। स्कूली बस आने के बाद उम्मीद थी कि समय से दिल्ली पहुंच जाऊंगा। इसलिए बस स्टैंड पर आया। यहां आने पर दिल्ली के लिए कोई बस नहीं मिली। इसलिए दिल्ली जाने के लिए लेट हो गया हूं।
अमित, यात्री।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें