जलभराव की समस्या से जूझ रहे जुलाना क्षेत्र के लोगों की बढ़ेंगी मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद बाढ़ की त्रासदी झेल रहे जुलाना क्षेत्र के लोगों की समस्या और बढ़ सकती है। दरअसल सिंचाई विभाग द्वारा जुलाना क्षेत्र के पानी को बास ड्रेन तक पहुंचाने वाली कालवा-किनाना ड्रेन को बंद करने का काम शुरू किया है। विधायक परमेंद्र ढुल ने इसकी शिकायत राजस्व विभाग के एसीएस, सिंचाई विभाग के एसीएस व सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ को की है। साथ ही विधायक ढुल ने कहा कि यदि इस ड्रेन के पानी को रोका जाता है तो जुलाना क्षेत्र पूरी तहर डूब जाएगा और क्षेत्र की जनता इस अन्याय को बर्दास्त नहीं करेगी।
विधायक ने कहा कि जलभराव से क्षेत्र की स्थिति बिगड़ती जा रही है। अब सरकार के मंत्रियों के दबाव में आकर पानी की निकासी को रोक रहे हैं। विधायक ने बताया कि अधिकारियों से उन्हें पानी की निकासी नहीं रुकने का आश्वासन मिला है। ढुल ने बताया कि जुलाना में हो रहे जलभराव का असली कारण प्राकृतिक नहीं, अधिकारियों व सरकार की कार्यप्रणाली है। उन्होंने कहा कि जलभराव को रोकने के लिए उन्होंने पूर्व की कांग्रेस सरकार व वर्तमान भाजपा के समय बार-बार क्षेत्र की ड्रेन व्यवस्था सुधारने की योजनाएं दी, लेकिन इस पर काम नहीं हुआ। इसके परिणाम स्वरूप आज क्षेत्र के किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं।
क्षेत्र के लोग हटा देंगे मिट्टी
विधायक ने कहा कि कालवा-किनान ड्रेन में बुराडहैर गांव के पास मिट्टी डालकर हिसार की ओर जाने वाले पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। यहां सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने यहां से पानी के बहाव को रोका तो क्षेत्र के लोग मिट्टी को हटा देंगे और वे भी लोगों के साथ रहेंगे।