अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जब से बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर काम करना बंद किया है, तब से प्रतिदिन बिजली समस्या से परेशान लोग कहीं न कहीं जाम लगा रहे हैं। इसका मुख्य कारण लोगों द्वारा दी जा रही बिजली शिकायतों का समाधान नहीं होना है। कर्मचारी बिजली के फाल्ट ठीक नहीं कर रहे जिस कारण लोगों में गुस्सा है और वे जाम लगा रहे हैं। रविवार सुबह 10 बजे मनोहरपुर के लोगों ने बिजलीघर पर ताला जड़कर जींद-पानीपत नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि उनके खेतों में गिरे बिजली के पोल निगम ठीक नहीं कर रहा। इस कारण उन्हें खेतों में बिजली नहीं मिल रही। उनकी फसलें सूख रही हैं और वे भूखे मरने के कगार पर आ गए हैं। बाद में थाना प्रभारी मनदीप कुमार व निगम के एसडीओ केएस चौहान मौके पर पहुंचे और जल्द बिजली सप्लाई शुरू करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लगभग एक घंटे तक लगे जाम के कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताते चलें कि तीन दिन पहले बिजली कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल शुरू की थी। उसी दिन जींद में रोहतक रोड पर लोगों ने बिजली समस्या को लेकर जाम लगा दिया। रात को कंडेला गांव में लोगों ने जाम लगा दिया। अगले दिन सुरबरा गांव में बिजली का तार ठीक नहीं करने के कारण एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। बेलरखां गांव में भी लोगों ने रात को जाम लगा दिया था। शनिवार को भी भिवानी रोड पर लोगों ने बिजली समस्या को लेकर जाम लगा दिया था। रविवार को बिजली किल्लत से परेशान मनोहरपुर के ग्रामीणों ने सुबह 10 बजे गांव के पावर हाउस के गेट पर ताला जड़ कर जींद-पानीपत मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगाए ग्रामीणों ने निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी मनदीप व खेड़ी तलौडा पॉवर हाउस के एसडीओ केएस चौहान मौके पर पहुंचे। एसडीओ चौहान ने ग्रामीणों को जल्द ही बिजली सप्लाई शुरू करने का आश्वासन देकर जाम खोलने के लिए मनाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। जाम खुलवाने पहुंचे एसडीओ को ग्रामीणों ने खरी-खरी सुनाई। ग्रामीणों ने फीडर के जेई को मौके पर बुलाने की बात की। इस पर एसडीओ का संतोषजनक जवाब नहीं था। बाद में सदर थाना प्रभारी मनदीप द्वारा सायं सात बजे तक उनकी बिजली सप्लाई शुरू करने के आश्वासन पर ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए। लगभग एक घंटे तक लगे इस जाम के कारण जींद-पानीपत मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। रणधीर, सुभाष, ईश्वर, मनोज, रामफल, तेलूराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि लगभग नौ माह पहले उनके गांव से लोहचब गांव को जाने वाली बिजली की लाइन के पोल गिर गए थे। इन पोलों को ठीक करने के लिए कई बार ग्रामीण बिजली निगम के अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। बार-बार शिकायत देने के बाद भी निगम के अधिकारियों ने इस लाइन को ठीक नहीं किया। जेई बार-बार शिकायत देने के बाद भी उन्हें झूठे आश्वासन देता रहा।
कहा- 50 हजार प्रति एकड़ के रेट पर ली है जमीन
जाम लगाए ग्रामीणों ने कहा कि जमीन का ठेके का रेट 50 हजार रुपये से ज्यादा का है। बिना बिजली के जमीन खाली पड़ी है। जिसके कारण किसानों को भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि विभाग को बिजली के टूटे खंभों और जर्जर तारों की समस्या को प्रति वर्ष समय से ठीक करना चाहिए। जिससे किसानों की फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर पर जनरेटर चलाकर घंटे में 700-800 रुपये का डीजल लग जाता है। इतना महंगा डीजल किसान लंबे समय तक नहीं फूंक सकता।
निगम के एसडीओ केएस चौहान ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फाल्ट ठीक नहीं हो रहे हैं। इस कारण बिजली लाइन ट्रिप कर जाती है। डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। कर्मचारी कम होने के कारण फाल्ट ठीक होने में समय लग जाता है। एक फाल्ट ठीक होता है तो कहीं ओर से फाल्ट होने की शिकायत आ जाती है। फिर भी निगम अपने स्तर पर काम चला रहा है।