पुलिस ने दोबारा मेडिकल बोर्ड से करवाया आरोपी प्राध्यापकों का मेडिकल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एक छात्रा द्वारा जेबीटी प्रवेश परीक्षा पास करवाने के नाम पर तीन शिक्षकों पर दुष्कर्म के आरोप लगाने के मामले में प्राध्यापकों का शुक्रवार को दोबारा मेडिकल करवाया गया। पुलिस प्राध्यापकों को साढे़ तीन बजे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंची और उनकी मेडिकल जांच करवाई गई। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि राज्य महिला आयोग के अनुसार मेडिकल बोर्ड द्वारा प्राध्यापकों का दोबारा मेडिकल करवाया गया है।
बताते चलें कि अगस्त महीने में शिक्षा विभाग को एक गुमनाम पत्र मिला था। इसमें एक ही स्कूल के तीन शिक्षकों पर छात्रा ने जेबीटी प्रवेश परीक्षा पास करवाने के नाम पर दुष्कर्म के आरोप लगाए गए। छात्रा ने पत्र में लिखा कि सिर्फ उसके साथ ही ऐसा नहीं हुआ, शिक्षकों ने उस पर दूसरी लड़कियों को भी उनके पास भेजने का दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। यह मामला चार महीने तक शिक्षा विभाग की फाइलों में धूल फांकता रहा। यहां से कार्रवाई नहीं होने पर छात्रा ने प्रधानमंत्री से लेकर तमाम अधिकारियों और महिला आयोग को इसकी शिकायत भेजी। इस मामले में वीरवार को इस मामले की जांच के लिए महिला आयोग की सदस्या सुमन बेदी जांच के लिए जींद आई थी। इस दौरान सुमन बेदी ने पुलिस, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए। महिला आयोग की सदस्या ने तल्ख लहजे में कहा कि इस मामले को सिर्फ पुलिस या प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ जा सकता। इस आरोपियों की जांच मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाएगी। महिला आयोग की सदस्या ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो फोरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी।
दो चिकित्सकों ने की जांच
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि इस मामले में सर्जन डॉ. चंद्रमोहन और डॉ. विशाल की ड्यूटी लगाई थी। दोनों चिकित्सकों ने मेडिकल करके रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।
आयोग को भेज दी जाएगी रिपोर्ट
इस मामले में एसआईटी प्रमुख डीएसपी रामभज ने कहा कि मेडिकल बोर्ड द्वारा प्राध्यापकों का दोबारा मेडिकल करवाया गया है। रिपोर्ट राज्य महिला आयोग को भेज दी जाएगी। मेडिकल में पहले वाली स्थिति ही है।
रिपोर्ट देखने के बाद ही होगी आगे कार्रवाई
राज्य महिला आयोग की सदस्या सुमन बेदी ने कहा कि इस मामले में सिविल सर्जन की उपस्थित में प्राध्यापकों का मेडिकल होना था लेकिन उनका उपस्थित नहीं होना ठीक नहीं रहा। रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।