प्रशासन नहीं ले रहा पार्क की सुध
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। उचाना कलां गांव में बने सवा करोड़ रुपये की लागत से बने पार्क की प्रशासन द्वारा सुध न लेने से पार्क में जगह-जगह कांटेदार झाड़िया, खरपतवार उगने लगी है। शाम को अंधेरा होने के बाद घूमने वालों को परेशानी न हो इसके लिए लगी स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी है। पार्क के आसपास कूड़ा-कर्कट डाले जाने से आनेजाने वाले को परेशानी भी हो रही है। लोगों ने मांग की कि पार्क की प्रशासन इसका रख रखाव करें ताकि यहां सैर को आने वालों को हो रही परेशानी दूर हो सकें।
मेवा सिंह, विरेंद्र, सत्ता, सुनील ने कहा कि यहां पर कई साल पहले पार्क का निर्माण केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने गंदे पानी के तालाब की जगह करवाया था। शुरूआत में तो यहां पर रखरखाव को लेकर प्रशासन सचेत था लेकिन अब यहां पर प्रशासन पार्क की सुध नहीं लेने से सैर को आने वालों को परेशानी हो रही है। यहां पर जगह-जगह कांटेदार झाड़िया, खरपतवार उगने लगी है। पार्क के बीच में जो जगह झील के लिए बनाई गई है वहां पर फव्वारे लगाने की बात तो प्रशासन बार-बार कहता है लेकिन आज तक यहां पर फव्वारा नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यहां पर जब भी विभाग का मंत्री आता है तो प्रशासन पार्क की सुध लेता है। पार्क के उद्घाटन के समय जब तत्कालीन विभाग की मंत्री आई किरण चौधरी तब और जब इस सरकार में घनश्याम सर्राफ जन स्वास्थ्य विभाग के मंत्री थे तब पार्क की सुध ली गई। विभाग को चाहिए कि पार्क की सुध लेते हुए इसका रखरखाव करवाया जाए ताकि लोगों को पार्क बनने का फायदा हो।