संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर के रोहतक रोड पर तीन किलोमीटर की दूरी में करीब 130 जगह अवैध होर्डिंग्स लगे हुए हैं जबकि शहर में वैध होर्डिंग्स लगाने की 12 जगह चिह्नित हैं। इससे नगर परिषद को लाखों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। इन अवैध होर्डिंग्स को हटाने के लिए नगर परिषद कार्रवाई नहीं कर रहा है।
शहर के प्रमुख चौक अवैध होर्डिंग्स से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। शहर की पहचान माने जाने वाले मुख्य चौक रानी तालाब, पटियाला चौक, भगवान परशुराम चौक, जेल चौक और बस अड्डे पर पर फ्लेक्स, पोस्टर और होर्डिंग्स का कब्जा है।
अवैध होर्डिंग्स सिर्फ निजी प्रतिष्ठानों या राजनीतिक संगठनों तक सीमित नहीं हैं बल्कि कई सरकारी संस्थानों की दीवारों और परिसरों पर भी खुलेआम लगाए गए हैं। विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, बस अड्डों और समुदाय भवनों की दीवारों पर बिना अनुमति के विज्ञापन लगे हैं।
इन संस्थानों पर लगे पोस्टरों से शहर की साफ-सुथरी छवि धूमिल होने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, निजी संस्थानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के विज्ञापन अवैध रूप से जगह-जगह टंगे हुए हैं।
शहरवासी सुनील कुमार, राहुल मल्होत्रा, संदीप कौशिक, राहुल पूनिया, मनजीत टुटेजा का कहना है कि नगर परिषद इन अवैध होर्डिंग्स को हटाने के लिए न तो कोई अभियान चलाया जा रहा है और न ही कोई सख्ती दिखाई दे रही है।
नागरिकों ने बताया कि पहले नगर परिषद द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर अवैध पोस्टरों को हटाया जाता था, लेकिन पिछले कई महीनों से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अवैध विज्ञापन लगाने वालों के हौसले और अधिक बढ़ गए हैं। चौकों पर लगे बड़े-बड़े बोर्ड सिग्नल व ट्रैफिक संकेतों को ढक देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
12जेएनडी32 : लितानी रोड अंडरपास दीवार पर लगे पोस्टर। संवाद।