फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैगों में 800 ग्राम से साढे़ तीन किलो अधिक मिली सरसों, हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। सरकार ने किसानों को लाभकारी मूल्य देने के लिए नई अनाज मंडी में सरकारी दुकान पर सरसों की खरीद की व्यवस्था की है, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के आगे तमाम व्यवस्था बोनी साबित हो रही है। मंडी में बनी सरकारी दुकान पर किसानों को सरसों की खरीद में जमकर लूटा जा रहा है। मामले का पटाक्षेप शुक्रवार को उस समय हुआ है, जब बरसोला गांव के किसान सरसों बेचने आए थे। किसानों के हंगामे के बाद हैफेड के मैनेजर रोशन लाल गोयल मौके पर पहुंचे। किसानों को जांच का आश्वासन देकर शांत किया। हालांकि डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार मामला उनके संज्ञान में है और जरूरत पड़ी तो सरकार से जांच की मांग की जाएगी।
विज्ञापन

दरअसल मंडी में सरकारी रेट पर 4200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदी जा रही है, जबकि प्राइवेट दुकानदार 3700 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल में हो रही है। सरकारी दुकान पर सरसों बचने के लिए अलग-अलग गांवों के किसानों के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार शुक्रवार को खोखरी, बरसोला, बागडू खुर्द, मोरखी, बरसाना, जीतगढ़, रामगढ़ व ललितखेड़ा गांवों के किसानों की सरसों की खरीद की जानी थी। दोपहर बाद जब बरसोला गांव निवासी किसान राजेश की सरसों की खरीद शुरू हुई तो राजेश ने सरसों का वजन कर रहे मजदूरों को रोकते हुए वजन पर सवाल उठाए। राजेश का आरोप है कि इस पर उसके साथ मारपीट की गई और कहा कि वे पांच हजार कट्टों का वजन कर चुके हैं, अभी तक किसी ने उंगली नहीं उठाई। इसके बाद किसानों ने हंगामा कर दिया। शुक्रवार को अकेले बरसोला गांव से करीब 200 किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे थे। इन किसानों ने हंगामा कर दिया। इस पर हैफेड के मैनेजर रोशन लाल गोयल मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामला शांत किया।
मैनेजर की मौजूदगी में किया गया वजन
किसान राजेश ने बताया कि मैनेजर रोशन लाल गोयल की मौजूदगी में दोबारा से सरसों के बैग का वजन करवाया गया तो 800 ग्राम से साढ़े तीन किलोग्राम तक अधिक सरसों मिली है। राजेश के अनुसार अधिकारी व कर्मचारी मिल कर किसानों को लूट रहे हैं।
विज्ञापन

50 क्विंटल सरसों का हुआ वजन
राजेश के अनुसार वह करीब 100 क्विंटल मंडी में लाया था। उसकी करीब आधी सरसों का वजन हो चुका था, जब उसे लगा कि सरसों की घटतोली की जा रही है। इसके बाद हैफेड की चोरी पकड़ी गई।
हर किसान के साथ ठगी
हैफेड द्वारा की जा रही बेईमानी को पकड़ने वाले बरसोला गांव निवासी किसान राजेश के अनुसार नियमानुसार बैग में 45 किलो 600 ग्राम सरसों पैक की जानी चाहिए, लेकिन सभी किसानों से 45 किलो 800 ग्राम सरसों की जा रही है। इससे हर किसान को कम से कम 400 ग्राम का नुकसान प्रति क्विंटल का नुकसान हो सीधे-सीधे हो रहा है।
यह मामला सीआईडी व किसानों के माध्यम से जानकारी में आया है। बहुत ही गंभीर मामला है। हैफेड के मैनेजर को तुरंत जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। यह रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेजी जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो सरकार को बड़े स्तर पर जांच की सिफारिश भी भेजी जाएगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।
किसानों ने अधिक सरसों तोलने का आरोप लगाया था। इसके बाद जांच करने पर कुछ बैग में 800 ग्राम से ढाई किलोग्राम तक अधिक सरसों मिली है। इस सरसों का वजन नए कांटे से किया गया है। इसकी जांच की जाएगी। जिन भी लोगों ने ऐसा किया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अन्य किसानों की सरसों का भी वजन किया गया, उसमें सरसों सही मिली है।
विज्ञापन

रोशन लाल गोयल, मैनेजर हैफेड।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें