लोसुपा और बसपा गठबंधन के बावजूद भी जींद में जीत की राह मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शनिवार को हुए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन के बावजूद जींद में गठबंधन के लिए जीत हासिल करना आसान नहीं होगा। जींद में हाल ही में हुए उपचुनाव में इनेलो-बसपा गठबंधन को मात्र 3454 वोट मिले थे जबकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी को 13582 वोट मिले थे। इस प्रकार लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी व इनेलो-बसपा गठबंधन के वोट भी जोड़ दिए जाएं तो यह आंकड़ा जीत के आसपास भी नहीं पहुंच रहा। इससे साफ है कि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी व बसपा गठबंधन के लिए जींद में जीत की राह आसान नहीं है।
गौरतलब है कि जींद में 28 जनवरी को हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिड्ढा को 50578 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहने वाली पार्टी जननायक जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला को 37648 वोट मिले थे। इस चुनाव में भाजपा के डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 12930 मतों से जीत हासिल की थी। जींद उपचुनाव के समय इनेलो तथा बसपा का गठबंधन था। इस गठबंधन को मात्र 3454 वोट मिले थे। राजनीतिक पंडितों की बात मानी जाए तो जींद उपचुनाव में यह वोट केवल अकेले इनेलो के ही थे जबकि बसपा के इसमें कोई वोट नहीं था। यदि यह भी मान लिया जाए कि इनमें से आधे वोट बसपा के थे तो भी यह महज 1727 वोट होते थे। वहीं लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार पंडित विनोद आशरी को 13582 मत मिले थे। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी व बसपा के वोट को जोड़ दिया जाए तो यह 15309 मत ही होते हैं जोकि जीतने वाले उम्मीदवार की वोटों 50578 से काफी कम है। यदि यह मान लिया जाए कि इनेलो प्रत्याशी उमेद सिंह रेढू को मिले सभी 3454 वोट बसपा के थे तो भी यह मिलकर 17036 मत ही होते हैं। इससे साफ है कि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी व बसपा गठबंधन के लिए जींद में जीत की राह आसान नहीं हैं। अब यह तो भविष्य ही बताएगा कि इस गठबंधन का आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों में जींद में कितना असर होता है।