जो दादा-दादी का नहीं हुआ उससे जनता को क्या उम्मीद : अभय
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के उम्मीदवार और पोते उमेद सिंह रेढू हैं न कि दिग्विजय और दुष्यंत चौटाला। उन्होंने कहा कि दिग्विजय और दुष्यंत तो अपने दादा और दादी के नहीं हुए, जिन्होंने उन्हें उंगली पकड़कर चलना सिखाया। इस तरह के लोग आज खुद को जींद के हितैषी बता रहे हैं, जो अपनों के भी नहीं हुए। ऐसे लोगों पर जींद की जनता को भरोसा नहीं करना है। अभय सिंह चौटाला कई गांवों में इनेलो उम्मीदवार उमेद रेढू के लिए वोट मांगे।
उन्होंने कहा कि अपने दादा की फरलो रद्द करवाने वाले दुष्यंत चौटाला अब महिलाओं से यह कह रहे हैं कि जो बुजुर्ग जेजेपी को वोट नहीं दे, उनकी दो दिन के लिए रोटी बंद कर दो। यह लोग अपने आप जेजेपी को वोट दे देंगे। इस तरह के लोगों को वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। खुद को जननायक चौधरी देवीलाल का सच्चा सिपाही बताने वाले सांसद दुष्यंत चौटाला यह भूल गए हैं कि चौधरी देवीलाल ने 1987 में मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले बुढ़ापा पेंशन इसलिए शुरू की थी ताकि बुजुर्गों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।