पुलिस भर्ती परीक्षा : रोडवेज ने बनाई थी तीन बसें चलाने की योजना, 15 भी पड़ गईं कम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा देने जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए रोडवेज द्वारा 15 स्पेशल बसें चलाई गई, इसके बावजूद भी रोडवेज के इंतजाम कम पड़ गए। पहले रोडवेज ने रविवार सुबह तीन स्पेशल बस चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन आलम यह रहा कि यह 15 बस भी परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए कम पड़ी और परीक्षार्थियों को अपनी जान जोखिम में डाल कर छत पर बैठकर और दरवाजों में लटकर जाना पड़ा।
जिलेभर से लगभग दो हजार परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाना था। जींद के उम्मीदवारों के लिए सिरसा, महेंद्रगढ़, पंचकूला, यमुनानगर और पलवल जैसे दूर-दाराज के शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसके चलते सुबह तीन बजे से पहले ही बस स्टैंड पर उम्मीदवारों की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। भीड़ ज्यादा होने के कारण परीक्षार्थियों को बसों के दरवाजों में खड़े होकर व छत पर बैठकर सफर करना पड़ा। रोडवेज द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जहां पहले तीन बसे बसें चलाने का निर्णय किया गया था। परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए 15 स्पेशल बस चलाई गई। 15 बसों में से तीन बस चंडीगढ़ और चार-चार बस यमुनानगर, पानीपत तथा दिल्ली के लिए चलाई गई, लेकिन यह बस भी यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कम पड़ गई और परीक्षार्थियों को बस की छत पर बैठकर और दरवाजों में लटकर जाना पड़ा।
यात्रियों का बस चालकों के साथ हुआ झगड़ा
रविवार को पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ थी। इस दौरान बूथ नंबर तीन पर सवारी को बस में बैठाने को लेकर रोडवेज और निजी बस चालक आपस में उलझ गए। प्राईवेट बस चालक रोडवेज बस के समय पर बूथ पर बस लगाकर सवारियां भरने लगा तो रोडवेज बस चालक और प्राइवेट बस चालक का आपस में झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया था कि दूसरे कर्मचारियों ने बीच में आकर झगड़ को खत्म करवाना पड़ा।
निजी वाहनों की हुई चांदी
पुलिस भर्ती की परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, यमुनानगर व पानीपत के लिए स्पेशल बसें चलाई गईं, लेकिन परीक्षार्थियों को पलवल, महेंद्रगढ़ व सिरसा परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। परीक्षार्थियों की सुबह बस स्टैंड के बाहर ही भीड़ उमड़ गई। रोडवेज की पहली बस सुबह चार बजे चलनी, लेकिन इस दौरान 12 क्रूजर साढ़े तीन बजे ही परीक्षार्थियों को लेकर इन परीक्षा केंद्रों के लिए निकल गईं। इससे जहां परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए सुविधा हुई तो निजी वाहनों की चांदी भी हुई।
जरूरत पड़ती है तो सुबह चार बजे से पहले भी निकाली जा सकती है बस
सुबह चार बजे से परीक्षार्थियों के लिए पहली स्पेशल बस चली थी। चार बजे चलकर आसानी से दिल्ली, यमुनानगर, पानीपत व अन्य दूर परीक्षा केंद्रों पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। बस स्टैंड पर भीड़ को देखते हुए स्पेशल बसों की संख्या में इजाफा किया गया था, ताकि परीक्षार्थी आसनी से अपने परीक्षा केंद्रो पर पहुंच सकें। जो परीक्षार्थी बस स्टैंड से बाहर खड़े थे, उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा है। अगर जरूरत पड़ती है तो यात्रियों की डिमांड को देखते हुए चार बजे से पहले भी बस निकाली जा सकती है।
कृष्ण पूनिया, डीआई अधिकारी।