अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत होने पर परिजनों ने चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि व्यक्ति की मौत के बाद चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी रामभज व डीएसपी सुनील कुमार भारी पुलिसबल के साथ नागरिक अस्पताल में पहुंचे और परिजनों की शिकायत लेकर मामले को शांत करवाया। इसके बाद पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में डीडीआर दर्ज कर ली है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सक की लापरवाही की जांच के लिए बोर्ड का गठन कर दिया है।
गांव रजाना कलां निवासी 35 वर्षीय सुखबीर को शुक्रवार रात को अचानक पेट में दर्द हो गया। सुखबीर को उसकी पत्नी पिंकी व भाई रात 11 बजे नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. स्नेह व स्टाफ नर्स से सुखबीर को इंजेक्शन लगाकर कहा कि यह नार्मल दर्द है, जल्द ठीक हो जाएगा। पिंकी ने कहा कि इसके बाद भी सुखबीर को कोई आराम नहीं हुआ। वह बार-बार स्टाफ नर्स व चिकित्सक को बुलाती रही लेकिन किसी ने भी उसके पति को आकर नहीं देखा। पिंकी ने कहा कि सुबह लगभग साढ़े छह बजे उसके पति की मौत हो गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने कहा कि इसकी हालत ज्यादा खराब है, इसे पीजीआई रोहतक ले जाओ। पिंकी ने इसकी सूचना अन्य परिजनों को दी। परिजन सुखबीर को लेकर पीजीआई के लिए निकले। रास्ते में ही उन्होंने सुखबीर की हालत देखी तो उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजन वापस सुखबीर के शव को नागरिक अस्पताल ले आए और चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए। काफी संख्या में रजाना कलां के लोग नागरिक अस्पताल में पहुंच गए और चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सुखबीर के परिजनों ने पुलिस को शिकायत देकर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद होगी आगामी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर डीडीआर दर्ज कर ली है। चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज करने व गिरफ्तारी के लिए स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग से इस बारे में राय मांगी जाएगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-रामभज, डीएसपी, जींद।
बोर्ड करेगा मामले की जांच
सुखबीर के परिजनों ने चिकित्सक स्नेह पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। फिलहाल मौखिक जानकारी मिली है। यदि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत मिलती है तो बोर्ड से चिकित्सक पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही पता चलेगा कि इसमें चिकित्सक की लापरवाही है या नहीं।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, जींद।
क्या है चिकित्सक पर कार्रवाई का नियम
यदि कोई सरकारी चिकित्सक पर्सनल अपराध करता है, जैसे मर्डर, रेप या अन्य कोई अपराध। उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर व गिरफ्तारी का प्रावधान है। यदि किसी चिकित्सक पर उसके काम के दौरान लापरवाही के आरोप लगते हैं तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने व गिरफ्तारी के लिए मेडिकल नेगलिजेंसी बोर्ड से अनुमति लेनी पड़ती है। इसमें सिविल सर्जन की अध्यक्षता में छह चिकित्सकों का बोर्ड होता है जो चिकित्सक की लापरवाही की जांच करता है। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही चिकित्सक पर कार्रवाई हो सकती है।
-आरपी शर्मा, सीनियर एडवोकेट, जींद।