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पुलिस पर ईंट भट्ठा संचालक के साथ मिलकर प्रताड़ित करने का अरोप, लघुसचिवालय के बाहर धरने पर बैठे उतर प्रदेश के मजदूर

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
बीबीपुर गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों ने भट्ठा मालिक और पुलिस पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए शुक्रवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिला के भूरानी पूर्वा गांव निवासी पुष्पेंद्र, सोनू व गौतम ने बताया कि पहले उन्हें भट्ठा मालिक द्वारा बंधक बनाया गया था। वीरवार रात को पुलिस ने वहां से तो छुड़वा दिया, लेकिन मालिका द्वारा दी गई पूरी राशि उन्हें नहीं दी जा रही। इन लोगों ने कहा कि वे कुल 16 लोग ईंट भट्ठे पर काम कर रहे हैं। दिसंबर महीने में वे लोग काम पर आए थे। उस समय निर्धारित रेट पर हिसाब करने की बात हुई, लेकिन पिछले चार महीने से उन्हें न तो पैसे दिए जा रहे और न ही राशि। इससे वे ईंट भट्ठे से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। ऐसे में कुछ लोगों ने वीरवार को पुलिस को शिकायत दी, जिस पर पुलिस व तहसीलदार प्रवीण कुमार ने ईंट भट्ठे से उन्हें मुक्त करवा दिया। इसके बाद उन्हें महिला थाना में लाया गया। इन लोगों ने बताया कि रात भर ईंट भट्ठा मालिक के गुर्गे थाना के बाहर उनकी रेकी करते रहे। ऐसे में पुलिस ने सुबह तीन बजे उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और 50 हजार रुपये देते हुए एक लाख 70 हजार रुपये की प्राप्ति पर हस्ताक्षर करने को कहा।
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पुलिस पर भी आरोप
पीड़ित परिवार के ने कहा कि भट्ठा मालिक की तरफ एक लाख 70 हजार रुपये बकाया बनता है। रात को पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि मालिक ने यह राशि दे दी है, लेकिन सुबह उनको जब हस्ताक्षर करने के लिए बोला गया तो उन्होंने पैसे की मांग की। जब पैसे मांगें गए तो उन्हें महज 70 हजार रुपये दिए गए। यह राशि उन्होंने लेने से मना कर दिया।
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पुलिस पर गलत आरोप
कुछ मजदूरों ने ईंट भट्ठा मालिक द्वारा बंधक बनाने का आरोप लगाया था। इस पर डीएसपी को मौके पर भेजा गया, लेकिन वहां बंधक बनाने जैसी स्थिति नहीं मिली। फिर भी मजदूरों को वहां से लाया गया। जो हिसाब बनता है, वह ईंट भट्ठा मालिक व मजदूरों के बीच का है। इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। फिर भी डीएसपी को इस मामले पर लगाया गया है। उनसे रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अरुण सिंह, एसएसपी जींद।
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