अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
एक सप्ताह पहले नरवाना रोड पर हुई पोल्ट्री व्यवसायी के मुंशी चंद्रपाल की हत्या व 22 लाख रुपये की लूट के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवपुरी कॉलोनी निवासी प्रदीप व उसके साथ मंजीत की प्रेमिका असंध निवासी पूजा वर्मा को काबू किया है। प्रदीप ने चंद्रपाल की हत्या और 22 लाख लूट की घटना को कबूल किया है। प्रदीप के खिलाफ जींद, हिसार व रोहतक में कुल 13 मुकदमे हत्या, डकैती, लूट और चोरी के दर्ज हैं। प्रदीप ने जींद में ही दो हत्याओं को अंजाम दिया है। जींद के वाल्मीकि मोहल्ला में प्रॉपर्टी विवाद के मामले में 28 मार्च 2010 को कांता नामक महिला की हत्या कि थी। इस हत्या के मामले में आरोपी प्रदीप को बीस साल की सजा हुई है। हाई कोर्ट से यह आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ है। आरोपी ने अपने साथी मंजीत व अन्य के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर में पेश किया, जहां अदालत ने प्रदीप को पांच और पूजा वर्मा को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार प्रदीप पहले भी कई अपराधों में शामिल रहा है और हत्या के मामले में सजायाफ्ता है। हाईकोर्ट से प्रदीप जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ है। डीएसपी कप्तान सिंह व सीआईए प्रभारी सुरेंद्र कुमार के अनुसार प्रदीप जींद से फरार होने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस ने सूचना के आधार पर उसे रविवार देर शाम नरवाना रोड पर ही शुगर मिल के पास से काबू कर लिया। घटना के बाद हथियार और लूटी गई राशि छिपाने के आरोप में पुलिस ने शिवपुरी कॉलोनी निवासी मंजीत की प्रेमिका असंध निवासी पूजा को भी सेक्टर 11 से गिरफ्तार किया है। अब रिमांड के दौरान पुलिस लूटी गई राशि के साथ-साथ इनके साथियों तक भी पहुंचने का प्रयास करेगी।
घटना के बाद प्रेमिका को दिए दो लाख रुपये
डीएसपी कप्तान सिंह के अनुसार घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मंजीत सेक्टर 11 जींद में अपनी प्रेमिका पूजा के घर पहुंचा। यहां पूजा वर्मा को दो लाख रुपये भी दिए। महिला होने के नाते पूजा ने मंजीत के साथ बैठकर उसे असंध तक छोड़ने में भी मदद की।
प्रदीप के खिलाफ अपराध की लंबी फेहरिस्त
नरवाना रोड निवासी प्रदीप उर्फ मीता के खिलाफ हिसार, रोहतक व जींद में 13 मामले दर्ज हैं। इसमें 31 मार्च 2010 को सिटी थाना जींद में मुकदमा नंबर 231, 232, 233 में सेंध मारकर चोरी करने के तीन मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं हिसार सिटी थाना में 14 अगस्त 2009 व 24 सितंबर 2009 को दो चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। जींद सिटी थाना में तीन अगस्त 2009 व 28 मार्च 2010 को दो हत्याओं के मामले दर्ज हैं। जींद सिटी थाना में 17 दिसंबर 2009 को सेंध मारी, 15 दिसंबर 2009 व दो मई 2010 को चोरी का मामला दर्ज हुआ। रोहतक के सिविल लाइन थाना में चार जनवरी व 14 जनवरी को चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा एक मुद्दई के कहने पर दूसरे पक्ष में मामले को बराबर करने के लिए जींद में गोली चलाने का भी मामला दर्ज है।
घटना के बाद गली में बदली नंबर प्लेट
पुलिस के अनुसार मुंशी चंद्रपाल की हत्या और लूट को प्रदीप, मंजीत व कृष्ण ने अंजाम दिया। इस दौरान कृष्ण कार चला रहा था, जबकि प्रदीप व मंजीत ने गोलियां चलाई। सबसे पहले प्रदीप ने पैसों से भरा कट्टा छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदीप ने गोली चला दी। इस पर चंद्रपाल गिर गया, लेकिन उसने प्रदीप को छोड़ा नहीं। इस पर पास ही तैनात मंजीत ने उसे गोली मार दी। इस पर चंद्रपाल के हाथ से पैसों से भरा कट्टा गिर गया मंजीत ने उसे उठाकर गाड़ी में रखा। यहां से फरार होकर आरोपियों ने एक गली में ही गाड़ी की नंबर प्लेट बदली और फिर सेक्टर 11 में पहुंचे।
घटना के मुख्य आरोपी प्रदीप को पुलिस ने काबू कर लिया है। इसमें सहयोग करने वाली असंध निवासी पूजा वर्मा को भी काबू किया है। अदालत ने प्रदीप को पांच दिन व पूजा को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इस दौरान अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पैसे की रिकवरी के लिए पूछताछ की जाएगी। जल्द ही पुलिस पूरे मामले को सुलझा देगी।
कप्तान सिंह, डीएसपी,