अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर के एक निजी सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन पर नौ बच्चों को स्कूल से निकालने के आरोप लगे हैं। अभिभावकों ने डीसी अमित खत्री से मामले की शिकायत की है। डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मामले में स्कूल प्राचार्या गुरमिंद्र कौर का कहना है कि बच्चों ने न तो एडमिशन लिया है और न ही नए सत्र में फीस भरी। इसलिए उनको स्कूल से निकाला गया है।
डीसी से मिलने पहुंचे अशोक मित्तल, रेखा, आशा, पिंकी ने बताया कि उनसे वार्षिक चार्ज के रूप में पैसे मांगे जा रहे है। यह मामला विभाग में भी चल रहा है। अभिभावकों ने बताया कि 4-5 दिन से उनके बच्चों की कॉपी चेक नहीं की जा रही थी। वह स्कूल में गए तो उनके बच्चों को क्लास से अलग बैठाया था। उन्होंने स्कूल प्रशासन को लिखित में देने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद वे डीसी से मिले और कार्रवाई की मांग की।
इन बच्चों को निकालने के आरोप
अभिभावक अशोक मित्तल ने बताया कि आठवीं कक्षा की महक, चौथी बी के कनिक, चौथी बी की आकांक्षा, चौथी बी का मयंक, दूसरी कक्षा की राधिका, सातवीं कक्षा की नैना, दूसरी कक्षा के चिराग और यूकेजी के कुशल को निकाला गया है। अशोक कुमार के अनुसार अभिभावक स्कूल से लिए जा रहे पैसे का विवरण मांग रहे हैं, लेकिन स्कूल इसकी जानकारी नहीं रहा है। विवरण देने पर अभिभावक फीस भरने को तैयार हैं।
एडमिशन भी नहीं लिया
यह सभी बच्चे पिछले साल भी हमारे ही स्कूल में पढ़ रहे थे। नियमानुसार इनको नई क्लास में एडमिशन लेना चाहिए। इसके लिए फीस का प्रावधान नहीं है, लेकिन मासिक फीस और अन्य चार्ज का भुगतान करना होता है। नए सत्र में इसका भुगतान नहीं किया गया। जुलाई महीना आने पर नए एडमिशन संभव नहीं हैं। इससे पहले बच्चों के अभिभावकों को कई बार फीस भरने का कहा गया। बच्चों को सिर्फ मानवता के नाते स्कूल में बैठाया जा रहा था, उसका एडमिशन नहीं है। ऐसे में उनको स्कूल से निकाला गया है। -गुरमिंद्र कौर, प्राचार्या, हैप्पी सीनियर सेकेंडरी स्कूल
एसएसपी को करेंगे शिकायत
बच्चों को एक कमरे मेें बंद कर रखा गया है। उन्हें न तो पानी पीने दिया गया और न ही बाथरूम जाने दिया गया। यह बच्चों पर अत्याचार है। बच्चों ने घर आकर पूरा मामला बताया है। इसकी शिकायत बुधवार को एसएसपी से कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
-अशोक मित्तल, अभिभावक।
निजी स्कूल पर नौ बच्चों को स्कूल से निकालने का आरोप
अभिभावकों ने डीसी को दी शिकायत, प्राचार्या बोलीं, चार महीने से नहीं दी थी फीस