जींद। ग्लोबल वार्मिंग आज पूरे देश की समस्या बनी है। इसको बचाने के लिए सरकार तो काम कर ही रही है, लेकिन जब तक आमजन इसके प्रति जागरूक नहीं होगा। इसको बचाना संभव नहीं होगा। जल, जंगल, जमीन की तासीर और पर्यावरण के संरक्षण के लिए जागरूकता की जरूरत है।
जिले में प्रति वर्ष लगभग 10 लाख पौधे रोपित किए जाते हैं। इनमें से एक तिहाई पौधे पेड़ बनकर आमजन को सांस देने का कार्य करते हैं। वर्ष 2022 की गणना के अनुसार जिले में लगभग 22 लाख पेड़ थे। इसके बाद हर वर्ष लगाए जा रहे पौध के बाद पेड़ों की संख्या में वृद्धि हुई है। हर मनुष्य को पर्यावरण के प्रति जागरू होने की जरूरत है। इसके लिए हमें अपने जन्मदिन या अन्य विशेष दिनों में एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। इसके बाद पौधों की संख्या में वृद्धि होगी और पर्यावरण के सुधार से आमजन का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। पर्यावरण बिगड़ने का कारण जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और प्राकृतिक संसाधनों का असंवहनीय उपयोग। लोगों को अपने जीवन में पानी की बचत, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पौधरोपण करने को अपने जीवन में अपनाना होगा।
पर्यावरण विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन करें
बिजली उत्पादन के लिए जीवाश्म ईंधनों के स्थान पर नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग किया जाएगा, ताकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आए। जलवायु शिक्षा, पर्यावरण विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन करें। यह कार्यक्रम जागरूकता पैदा करते हैं और समुदायों को सूचित तरीके से कार्रवाई करने के लिए सशक्त बनाते हैं।
डॉ. शैली गुप्ता।
सफाई कार्यक्रम का आयोजन करें
अपने समुदाय में कचरे और प्रदूषण को कम करने के लिए सफाई कार्यक्रम का आयोजन करें या उसमें शामिल हों। यह प्राकृतिक वातावरण और शहरी स्थानों को वापस लाने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान है। पुनर्स्थापना प्रयासों के तहत उन क्षेत्रों में पेड़ लगाएं जहां पर्यावरण की गुणवत्ता की सबसे अधिक कमी है।
डॉ. सीमा मलिक।
प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह से बंद करे
हरित जीवन जीने की कोशिश करें। जिसमें ऊर्जा की बचत, अपशिष्ट में कमी, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और टिकाऊ उत्पादों का समर्थन शामिल हो सकता है। ग्रह को बचाने में हर छोटी-छोटी मदद मददगार होती है। शहर व गांव में प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह से बंद करे।
-मुकेश चहल।
6. सामाजिक गतिविधियों में भाग लेकर जल संरक्षण समेत अन्य सभी मुद्दों पर बात करें। इससे लोगों को जागरूक करें। कार्यक्रमों में वृक्षारोपण, सफाई अभियान, साथ ही शैक्षणिक सत्र में पर्यावरण के प्रति हर किसी को जागरूक किया जाए।
रणधीर मताना।
पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। इस वर्ष भी लगभग 12 लाख पौधे सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थाओं के साथ मिलकर लगाए जाएंगे। इसमें हर व्यक्ति को अपनी सोच बनानी चाहिए कि वह अपने जीवन में वर्ष में एक पौधा जरूर लगाए। इसके बाद पर्यावरण को लेकर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी। विभाग ने तीन स्थानों पर नर्सरियों में पौध तैयार की है, ताकि बरसात होने पर जिले में पौधरोपण अभियान शुरू किया जा सके।
-पवन ग्रोवर, डीएफओ जींद।
21जेएनडी10: डॉ. शैली गुप्ता।
21जेएनडी10: डॉ. शैली गुप्ता।
21जेएनडी10: डॉ. शैली गुप्ता।
21जेएनडी10: डॉ. शैली गुप्ता।