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Jind News: 19 पार्षदों ने कहा-बेबुनियाद आरोप लगा रहे 12 पार्षद

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जींद। शहर की सरकार में गतिरोध कम होने की जगह बढ़ता जा रहा है। 12 पार्षदों ने वीरवार को नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि पर उनके वार्डों में हो रहे विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए थे। शुक्रवार को चेयरपर्सन प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी के समेत 19 पार्षदों ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सबसे अधिक विकास कार्य आरोप लगाने वाले 12 पार्षदों के वार्डों में ही हुए हैं। वहीं दो पार्षदों ने विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा पर नगर परिषद में हस्तक्षेप करते हुए विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने के आरोप लगाए हैं।
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चेयरपर्सन प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी ने कहा कि वार्ड नंबर एक में 54 लाख 34 हजार रुपये के कार्य हुए हैं। वार्ड नंबर दो में 32 लाख 58 हजार रुपये, वार्ड नंबर तीन में पांच करोड़ 14 लाख 65 हजार, वार्ड नंबर चार में 61 लाख 39 हजार, वार्ड नंबर नौ में 72 लाख सात हजार, वार्ड 10 में 79 लाख 94 हजार, वार्ड 16 में छह लाख 74 हजार, वार्ड 17 में नौ लाख 32 हजार, वार्ड 24 में 74 लाख 10 हजार, वार्ड 25 में 17 लाख 37 हजार, वार्ड नंबर 29 में 44 लाख 23 हजार, वार्ड नंबर 31 में 45 लाख 92 हजार रुपये के विकास कार्य हुए हैं।
इनमें से कुछ कार्य के टेंडर लग चुके हैं, जो जल्द ही शुरू होंगे। यह सभी आरोप लगाने वाले पार्षदों के वार्ड हैं। वहीं अन्य 19 पार्षदों के वार्डों में इनसे कम काम हुए हैं। इनमें वार्ड नंबर पांच में 80 लाख 17 हजार, वार्ड नंबर छह में 99 लाख 55 हजार, वार्ड नंबर सात में 82 लाख 12 हजार, वार्ड नंबर आठ में 64 लाख 95 हजार, वार्ड नंबर 11 में 25 लाख, वार्ड नंबर 12 में कोई काम नहीं, वार्ड नंबर 13 में दो करोड़ 11 लाख, वार्ड नंबर 14 में 98 लाख 67 हजार, वार्ड 15 में 30 लाख 69 हजार, वार्ड नंबर 18 में 15 लाख 20 हजार, वार्ड 19 में सात लाख 80 हजार, वार्ड 20 में 10 लाख 55 हजार, वार्ड 21 में 19 लाख 10 हजार, वार्ड 22 में कोई कार्य नहीं, वार्ड 23 में 83 लाख 84 हजार, वार्ड 26 में 35 लाख 56 हजार, वार्ड 27 में 39 लाख 23 हजार, वार्ड 28 में नौ लाख छह हजार, वार्ड 30 में 24 लाख 80 हजार रुपये के विकास कार्य हुए हैं, या प्रस्तावित हैं। नगर परिषद में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा। सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
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विधायक नहीं होने दे रहे शहर में विकास कार्य : कौशिक
वार्ड नंबर 27 की पार्षद रीतिका कौशिक के पिता महिपाल कौशिक ने कहा कि नगर परिषद में कोई राजनीति नहीं हो रही थी, लेकिन विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा शहर के विकास कार्यों में रोड़ा बने हुए हैं। वह नहीं चाहते कि शहर में विकास कार्य हों, इसलिए पार्षदों को दो गुटों में बांटा जा रहा है। जो 12 पार्षद विकास कार्य नहीं होने के आरोप लगा रहे हैं, सबसे ज्यादा विकास कार्य उनके ही वार्डों में हुए हैं। यह सब विधायक के कहने पर किया जा रहा है।

विधायक का नगर परिषद में इतना हस्तक्षेप खतरनाक : सतपाल कुंडू

वार्ड नंबर 21 से पार्षद सतपाल कुंडू ने कहा कि विधायक नगर परिषद बेवजह हस्तक्षेप कर रहे हैं। उनका हस्तक्षेप इतना बढ़ गया है कि कर्मचारी उनके कहने से ही काम करते हैं। इसलिए शहर में विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहे हैं। विधायक दबाव की राजनीति कर रहे हैं। इतना ज्यादा हस्तक्षेप नगर परिषद के लिए खतरनाक साबित होगा। विधायक ने सभी वार्डों में 15-15 स्ट्रीट लाइट देने की घोषणा की थी, जब उनसे इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि जिसको वोट दिए हैं, उसी से लाइट ले लो।

डॉ. राजसैनी के साथ रहेंगे

कांग्रेस में शामिल होने वाले पांच पार्षदों गीता जोगिंद्र सैनी, महिपाल, सतपाल कुंडू, विक्की दूहन ने कहा कि वह बेशक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हों, लेकिन व्यक्तिगत रूप से चेयरपर्सन प्रतिनिधि डॉ. राजसैनी के साथ हैं। उन्होंने पहले कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की थी। वह भाजपा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन किसी भी भाजपा नेता ने उनको तवज्जो नहीं दी, इसलिए वह कांग्रेस में शामिल हुए हैं, लेकिन चेयरपर्सन का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। जो लोग उनपर भेदभाव के कारण कांग्रेस में शामिल होने के आरोप लगा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं।
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