ई-वे बिल और जीएसटी से जूझ रहे ट्रंासपोर्टरों को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जीएसटी और ईवे बिल से जूझ रहे ट्रांसपोर्टरों को सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने अंडरलोड वाहनों की क्षमता में इजाफा किया है। इससे ट्रक चालक अब अधिक माल लेकर जा सकते हैं। सरकार ने मीडियम और ओवरलोड कामर्शियल वाहनों के लिए धुरी लोड क्षमता में बढ़ावा किया है। जहां छह टायर वाले वाहन पहले 16.2 टन माल लेकर जा सकते थे, अब वह 18.5 टन माल लेकर जा सकते हैं। दस टायर वाले वाहन जहां पहले 25.2 टन माल लेकर जा सकते थे, अब 28 टन लेकर जा सकते हैं। वहीं 12 टायर वाले वाहन जहां पहले 31 टन माल लेकर जा सकते थे वहीं अब 35 टन माल लेकर जा सकते हैं। 14 टायर वाले वाहन 37 टन के बजाय 42 टन माल लेकर जा सकते हैं। वहीं 16 टायर वाले वाहन 35.2 के बजाय 39.5 टन और 20 टायर वाले वाहन 40.2 टन की जगह 45.5 टन, 22 टायर वाले वाहन 49 की जगह 55 टन माल लेकर जा सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्टरों को पहले की अपेक्षा राहत मिली है। नए नियमों से ट्रांसपोर्टर को लाभ होगा, क्योंकि लोड वृद्धि में जीवीडब्ल्यू की सुविधा होगी। प्रति ओवरलोड पर चालान झेल रहे ट्रांसपोर्टरों को इससे बड़ी राहत मिली है।
आरटीए ऑफिस में भी हुआ काम शुरू
आरटीए आफिस में भी काम शुरू कर दिया गया है। अब ट्रक चालकों को नई आरसी ग्रोसवेट चढ़ाकर नई आरसी दी जा रही है। किसी भी कार्य दिवस में ग्राहक अपनी पुरानी आरसी जमा करवा कर नई आरसी ले सकता है।
ट्रांसपोर्टरों को होगा फायदा
ट्रक यूनियन प्रधान नरेश ने कहा कि नए नियमों से वाहनों की अंडरलोड क्षमता में इजाफा किया गया है। इससे सभी ट्रांसपोर्टरों को लाभ होगा।