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नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने रखा चक्का जाम

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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से भटकते रहे यात्री
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में मंगलवार को रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जींद में दिनभर 195 बसें खड़ी रहीं जिससे रोडवेज विभाग को दस लाख रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि अधिकारियों ने सुबह चार बजे बस चलवाने का प्रयास किया, लेकिन यूनियन नेताओं ने बसों को नहीं चलने दिया। इसके चलते दैनिक यात्रियों और विद्यार्थियों को भारी परेेेशानी उठानी पड़ी। शाम पांच बजे के बाद नाइट सेवा में चलने वाली बसें रवाना हो गईं।
सुबह चार बजे ही रोडवेज कर्मचारी हड़ताल करने के लिए पहुंचे तो अधिकारी महाप्रबंधक आरएस पूनिया के नेतृत्व में रोडवेज वर्कशॉप के पास पहुंच गए। अधिकारियों ने बस चलवाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। सुबह अपने गंतव्य के लिए निकले काफी यात्री हड़ताल के चलते वापस घर लौट गए। हड़ताल के चलते यात्रियों के सफर की जिम्मेदारी को सहकारी समिति की बस और निजी वाहन चालकों ने संभाली। दिनभर इन वाहन चालकों की खूब चांदी रही। इन वाहनों के सहारे ही यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। थोड़ी देर से ही सही, यात्रियों को वाहन मिलते रहे, लेकिन बूंदाबांदी के बीच उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
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हड़ताल से रोडवेज को दस लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज की हड़ताल के कारण जहां जिले में लगभग 50 हजार यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं जींद डिपो को प्रतिदिन होने वाली दस लाख रुपये की आमदनी का भी नुकासन हुआ।
लंबे सफर के यात्रियों को ज्यादा दिक्कत आई
रोडवेज की हड़ताल के कारण दैनिक यात्रियों को परेशानी होने के साथ ज्यादा लंबे सफर की यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कत आई। छोटे सफर के लिए यात्रियों ने क्रूजर या सहकारी समिति की बसों की सेवाएं लीं तो वहीं दिल्ली, गुरुग्राम, पंजाब में जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आई।
स्कूल और कॉलेज के छात्रों की हुई जेब ढीली
बस पास होने के बावजूद भी स्कूल और कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। प्रतिदिन हरियाणा रोडवेज की बसों में अपने पास के सहारे सफर करते थे, लेकिन मंगलवार को हड़ताल के कारण इन विद्यार्थियों को निजी वाहनों में किराया देकर शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना पड़ा।
रोडवेज डिपो में धरनास्थल पर दिनभर बजी डफली
रोडवेज डिपो में धरनास्थल पर मंगलवार को रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का अलग ही अंदाज रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने दिनभर रागिनी गाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
काफी देर कर रहे वाहन का इंतजार
पानीपत जाने के लिए काफी देर से वाहन का इंतजार कर रही हूं। रोडवेज की हड़ताल होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मायके जाना है, लेकिन प्राइवेट वाहन भी नहीं मिल रहे। गीता
गांव से पढ़ने के लिए आते कॉलेज
रोवडवेज की हड़ताल होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज की तरह गांव से जींद कॉलेज में पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन आज प्राइवेट वाहन भी बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं।
महेंद्र, छात्र मलिकपुर गांव निवासी।
बस स्टैंड पहुंचे तो मिली हड़ताल
हर रोज की तरह आज भी बस स्टैंड पहुंचे तो हड़ताल मिली। रोहतक में प्राइवेट कंपनी कामकाज करते हैं, लेकिन रोडवेज की हड़ताल पर होने से काफी परेशानी हो रही है। पता नहीं हड़ताल कब तक रहेगी।
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रमेश, दैनिक यात्री।
रोडवेज कर्मचारियों में नए मोटर अधिनियम को लेकर रोष था। इसके विरोध में जींद डिपो की किसी भी बस को नहीं चलने दिया गया। इससे यात्रियों को भी परेशानी हुई और रोडवेज को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आरएस पूनिया, जीएम रोडवेज जींद।
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