खुलासा: सभा के लिए छात्राओं को टेस्ट देने से रोका, मिड डे मील भी नहीं बंटा
- प्रभावशाली लोगों ने स्कूल के स्टाफ पर बनाया था दबाव, बीईओ की जांच कमेटी के सामने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद (सफीदों)।
गांव सिवानमाल के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला की जनसभा मामले स्टाफ और छात्राओं ने नया खुलासा किया है। बीईओ की जांच टीम में सामने आया कि जनसभा वाले दिन छह दिसंबर को छात्राओं का टेस्ट लिया जाना था। जनसभा कराने की वजह से प्रभावशाली लोगों ने स्कूल स्टाफ को टेस्ट तक नहीं लेने दिया गया। साथ ही मिड डे मील तक नहीं बंटा। वहीं अधिकारियों को बिना बताए प्रभावशाली लोेगों के दबाव में छुट्टी करने पर कार्यवाहक मुख्याध्यापक पर भी गाज गिरनी तय है।
छह दिसंबर को चार्जशीट किए गए मुख्याध्यापक राजपाल छुट्टी पर थे और कार्यभार पीटीआई प्रताप सिंह संभाले हुए थे। उसी दिन स्कूल में छात्राओं की परीक्षा थी। बीईओ कमेटी की जांच में स्टाफ ने बताया कि छह दिसंबर को गांव सिवानामाल के प्रभावशाली लोगों ने सांसद दुष्यंत चौटाला के लिए स्कूल में ही जनसभा की थी। सांसद की सभा करीब तीन बजे थी, लेकिन सांसद दुष्यंत चौटाला सुबह साढ़े नौ बजे ही गांव में पहुंच गए। टेस्ट शुरू होने वाले थे। जांच में सामने आया कि कुछ प्रभावशाली लोगोें ने जबरन दबाव देकर बिना टेस्ट दिए छात्राओं की छुट्टी कर दी। साथ ही मिड डे मील भी छात्राओं के लिए नहीं बंटा।
अधिकारियों को न बताने और पुलिस को सूचना न देने पर होगी कार्रवाई
बीईओ कार्यालय के अनुसार स्कूल में करीब 213 छात्राएं है। शिक्षा विभाग द्वारा गठित की टीम का नेतृत्व कर रहे बीईओ रामप्रकाश द्वारा जांच के लिए पहुंची टीम ने स्टाफ को भी जिम्मेदार माना है। टीम ने नाराजगी जताई कि अगर प्रभावशाली लोगों ने दबाव दिया तो बिना अधिकारियों से पूछे छुट्टी क्यों की गई और पुलिस को क्यों नहीं बताया गया। वहीं टीम ने रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेज दी है।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
आठ दिसंबर को अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन चेता। बीईओ ने स्कूल को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। इसके बाद मुख्याध्यापक को चार्जशीट किया गया। इसके बाद बीईओ के नेतृत्व में टीम ने जांच की। इसमें तीन प्रिंसिपल भी शामिल थे। इसके बाद मंगलवार 12 दिसंबर को जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता को निलंबित कर दिया गया।
मुख्याध्यापक ने दिया था स्पष्टीकरण
मुख्याध्यापक राजपाल ने बीईओ कार्यालय द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण में साफ तौर पर कहा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने बिना अनुमति के स्कूल में राजनीतिक कार्यक्रम किया। इस कारण उन्हें लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल के मुख्याध्यापक राजपाल ने स्पष्टीकरण पत्र क्रमांक 374 दिनांक 8/12/17 में कहा कि कार्यक्रम वाले दिन 6 दिसंबर को वह छुट्टी लेकर पंचकूला गए हुए थे। जिनके बाद स्कूल के पीटीआई प्रताप सिंह स्कूल का कार्यभार संभाले हुए थे। उन्होंने बताया कि करीब साढ़े नौ बजे के उनके पास फोन आया कि स्कूल में बिना अनुमति के राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है और स्कूल में पूरी तरह से अव्यवस्था फैल गई है। जिस कारण लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी।
न सांसद ने ली सुध न जिला प्रशासन ने
शिक्षा विभाग की जांच टीम के सामने स्टाफ ने छुट्टी करने की वजह प्रभावशाली लोगों का दबाव बताया। इसके बावजूद अब तक प्रभावशाली लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन का रवैया नरम है। जबकि सभा के लिए अनुमति तक नहीं ली गई थी। इसके बाद जबरन छुट्टी करा दी गई और छात्राओं को सभा में बैठाया गया। वहीं उनके सामने डांस भी हुआ। इसके बावजूद प्रभावशाली लोग और स्कूल में आयोजन कराने को लेकर न इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने पार्टी पदाधिकारियों पर कोई कार्रवाई की और न ही जिला प्रशासन ने कोई कदम उठाया।
वर्जन-
मामले की जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट देखी जाएगी। लापरवाही करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। रिपोर्ट देखने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सत्यवती नांदल, कार्यकारी डीईओ