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सांसद की जनसभा मामला: कुछ छात्राएं बोली स्टाफ ने जनसभा में बैठाया तो कुछ बोली ग्रामीणों ने

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सुबह जांच के लिए स्कूल पहुंची शिक्षा विभाग की चार सदस्यीय टीम, 3 घंटे तक 10 स्टाफ और 12 छात्राओं से पूछताछ, शाम को डीईओ सस्पेंड
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों (जींद)।
गांव सिवानामाल के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में इनेलो सांसद की जनसभा और दबाव में छुट्टी करने के मामले में उपायुक्त अमित खत्री के अल्टीमेटम के चौथे दिन जांच शुरू हुई। मंगलवार सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग की चार सदस्यीय टीम स्कूल पहुंची। जांच के बाद टीम लौटी ही कि शाम को जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता को निलंबन का आदेश जारी हो गया। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक राजीव रतन ने आदेश जारी करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित किया। हालांकि निलंबन की वजह को लेकर अधिकारी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
छह दिसंबर को बिना अनुमति गांव सिवानामाल के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला की जनसभा हुई थी। इसकेलिए स्कूल की छुट्टी कर दी गई और छात्राओं को सभा में बैठा दिया गया। अमर उजाला ने स्कूल में छुट्टी करने और जनसभा में छात्राओं को बैठाने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख एख्तियार किया। यहां तक जिला उपायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते में विभाग और प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे तो वह खुद इस मामले की जांच करेंगे। उपायुक्त की ओर से चेतावनी देने के चौथे दिन मंगलवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी चेते। बीईओ के नेतृत्व में तीन प्रिंसिपल की एक जांच टीम स्कूल पहुंची। करीब 11 बजे खंड शिक्षा अधिकारी रामप्रकाश के साथ प्रिंसिपल डॉ. नरेश वर्मा, प्रेम बंसल और जगबीर पहुंचे।। टीम ने स्कूल में करीब तीन घंटे जांच की और 10 स्टाफ सदस्यों और 12 छात्राओं के बयान दर्ज किए।
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शिक्षकों से नाराज हुई टीम
जांच के दौरान बीईओ रामप्रकाश स्कूल स्टाफ पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि स्टाफ द्वारा एक बार भी उन्हें लिखित या मौखिक तौर पर सूचना देना उचित नहीं समझा। वहीं उन्होंने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बयानों में कुछ छात्राओं ने बताया कि स्कूल स्टाफ सदस्यों ने उन्हें जनसभा में बैठाया तो कुछ ने ग्रामीणों पर जबरन जनसभा में बैठाने के आरोप लगाए। इससे खफा टीम ने कहा, स्टाफ भी इस मामले में दोषी है। बयान दर्ज होने के बाद अब बुधवार को फिर जांच हो सकती है। इसके बाद बुधवार या वीरवार को ही रिपोर्ट एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी।

मुख्याध्यापक हो चुके हैं चार्जशीट
इस मामले के सामने आते ही सबसे पहले मुख्याध्यापक राजपाल को चार्जशीट किया जा चुका है। जबकि राजपाल ने बताया कि छह दिसंबर को वह छुट्टी पर थे और पंचकूला मीटिंग में गए थे। उस दिन पीटीआई प्रताप सिंह बतौर कार्यवाहक मुख्याध्यापक थे। उनके पास प्रताप का फोन आया था कि कुछ गांव के लोग सभा की वजह से छुट्टी करने का दबाव डाल रहे हैं। इसके बाद छुट्टी की गई।

शाम को निलंबन के आदेश पर चुप्पी
सुबह जांच के लिए गई टीम के वापस आते ही जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता के निलंबन के आदेश पर विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। वहीं उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि निलंबन का आदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से जारी किया गया है। मामले किससे संबंधित है, यह जानकारी नहीं है। वहीं उपायुक्त ने कहा, स्कूल की जांच रिपोर्ट सौंपी जाने के बाद ही कार्रवाई के बारे में कुछ कहा जा सकता है।


स्कूल परिसर में फैली गंदगी, एक सप्ताह में सफाई के निर्देश
जैसे ही बीईओ की टीम गांव सिवानामाल के स्कूल में पहुंची तो स्कूल में फैली गंदगी देख बिफर गई। बीईओ ने नाराजगी जताते हुए गंदगी को जल्द से जल्द साफ करने को कहा। उन्होंने स्कूल स्टाफ को हिदायत दी कि एक हफ्ते में दोबारा जांच होगी और गंदगी मिली तो कार्रवाई होगी

किसके दबाव में की छुट्टी, प्रशासन को सौंपेंगे रिपोर्ट
वहीं जांच टीम ने स्टाफ और छात्राओं के बयान में यह भी पूछा कि किसके दबाव में छुट्टी की। स्टाफ की तरफ से दिए बयान को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया। अब रिपोर्ट को जल्द प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद प्रशासन तय करेगा कि छुट्टी के लिए दबाव देने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई होगी।
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शिक्षा विभाग की टीम ने तीन घंटे स्कूल में मामले की जांच की है। स्टाफ सदस्यों और छात्राओं के बयान दर्ज किए है। एक शिक्षक अवकाश पर था। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम और डीईओ को सौंपी जाएगी। जो भी उच्च अधिकारियों के आदेश होंगे उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- रामप्रकाश, बीईओ
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