05जेएनडी25 : 75 वर्ष से अधिक उम्र के वृक्ष की जांच करते हुए। स्रोत विभाग।
नरवाना। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने प्राण वायु देवता योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेड़ों को ‘जीवित धरोहर’ घोषित कर पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। जिले में अब तक 114 पेड़ों का पंजीकरण किया जा चुका है।
योजना के तहत सभी लोग पंजीकरण करवा सकते है जिनके घरों, खेतों या अन्य निजी स्थान पर 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र का पेड़ खड़ा है।विभाग ने पहले 2700 रुपए निर्धारित किए थे लेकिन अब बढ़ते पेड़ों के पंजीकरण को देखते हुए पेंशन 3000 रुपए कर दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक विरासत की अहमियत समझाना और पुराने पेड़ों को काटे जाने से रोकना है।
पेड़ों की जानकारी प्रशासन को दें
नरवाना के आरएफओ अश्विनी कुमार ने बताया कि योजना के तहत गांवों और शहरों में ऐसे पेड़ों की सूची तैयार की जा चुकी है जिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों से भी अपील की गई है कि वे पुराने पेड़ों की जानकारी प्रशासन को दें ताकि उन्हें योजना में शामिल किया जा सके।
2022-23 में हुआ था 150 पेड़ों का पंजीकरण
नरवाना वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पूरे जींद जिले में 2022-23 में 150 पेड़ों का पंजीकरण हुआ था और पेंशन दी गई थी।अब 2025– 26 में 114 पेड़ों का पंजीकरण हुआ है जिनको जल्द पेंशन मिलेगी। नरवाना में 30 पेड़ों का पंजीकरण हुआ है। नरवाना में लगते गांव कालवन में सबसे ज्यादा 21 पेड़ों का पंजीकरण योजना के तहत हुआ है।