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शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए मिलेंगी तीन जैटिंग मशीन

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शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए मिलेंगी तीन जेटिंग मशीनें
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि शहर में सीवरेज व्यवस्था को सुधरने के लिए सरकार तीन जेटिंग मशीन मुहैया करवाएगी। इसके लिए उन्हें बजट सत्र में सरकार से आश्वासन मिला है। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग को अन्य सामान खरीदने के लिए 47 लाख रुपये भी सरकार ने दिए हैं। विधायक ने कहा कि सरकार ने जींद में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 14 नए ट्यूबवेल लगाने को भी मंजूरी दी है। फिलहाल शहर को 50 ट्यूबवेल से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
वीरवार को अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचती करते हुए विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। प्रदेश की भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार ने पहली बार किसानों के लिए सच्चे मन से कुछ कर दिखाया है। जिस प्रकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जा रहा है, इससे किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जींद के मेडिकल कॉलेज के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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मिड्ढा के अनुसार उन्होंने जींद को नहरी पेयजल मुहैया करवाने के लिए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से बात की है। इस परियोजना में जमीन नहीं मिलने के कारण देरी हो रही है। यदि सरकार को जमीन मिलती है तो प्रयास किया जाएगा कि जींद को भाखड़ा का पानी दिया जाय। इससे लोगों को काफी लाभ होगा। वहीं उन्होंने कहा कि बरसोला व रूपगढ़ गांवों में भी जलघर बनाए गए हैं। इसके अलावा देवीलाल चौक से रुपया चौक तक बनने वाली सड़क पर भी जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा।
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पितृ ऋण उतारने के लिए चाहिए हर वर्ग का साथ
विधायक ने कहा कि उनको बेशक थोड़ा समय मिला है, लेकिन इस दौरान वे पितृ ऋण उतारने का प्रयास करेंगे। उनके पिता पूर्व विधायक स्व. डॉ. हरिचंद मिड्ढा ने शहर के विकास के लिए जो सपने देखे थे, उनको पूरा करने के लिए उन्हें हर वर्ग का साथ चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जींद के औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। 1991-92 में शुरू हुआ औद्योगिक क्षेत्र में काफी फैक्टरी तो लगी, लेकिन परिवहन व्यवस्था सही नहीं होने के कारण यह क्षेत्र दम तोड़ गया। ऐसे में अब जींद छह राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ चुका है और यहां उद्योग लगाकर युवाओं को रोजगार दिया जा सकता है।
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