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ग्रामीण क्षेत्र में जनस्वास्थ्य विभाग के अभियांत्रिकी विभाग ने उपभोक्ताओं के डाटा को किया आनलाइन

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जन स्वास्थ्य के अभियांत्रिकी विभाग ने उपभोक्ताओं का ऑनलाइन किया डाटा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जन स्वास्थ्य का अभियांत्रिकी विभाग ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। अब ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के ब्योरे को ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब पेयजल की किसी भी तरह की शिकायत को ऑनलाइन साइट पर डालना होगा। इस साइट पर डालने के तीन दिन के अंदर में विभाग के कर्मचारियों को समस्या का समधान करना होगा।
अब तक ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्याओं के निपटान के लिए लोगों को अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन अब समस्या के निपटान के लिए ग्रामीणों को पाइप लीकेज से लेकर नया कनेक्शन लेने तक के लिए साइट पर अपनी शिकायत देनी होगी। अगर किसी गांव में पेयजल कनैक्शन लिकेज की समस्या है तो ग्रामीणों को उसका फोटो खिंचकर साइट पर अपलोड करना होगा। इसके बाद विभाग के कर्मचारियों को भी इस समस्या का समाधान करने के बाद फोटो खिंचकर साइट पर डालना पड़ेगा। अगर समय पर कोई कर्मचारी समस्या का समाधान नहीं करता तो इसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। अब तक जनस्वास्थ्य विभाग के अभियांत्रिकी विभाग ने सक्षम युवाओं के सहयोग से जिले के कई गांवों में लगभग 7800 घरों में नए कनैक्शन करवाए हैं। इसके अतिरिक्त कई नलों पर टूंटियों से लेकर जल संरक्षण के लिए नुक्कड़ सभाएं कर लोगों को जागरूक करने का काम भी किया है। इससे जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है। अब विभाग द्वारा की गई इस पहल से शहर की तर्ज पर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अभियांत्रिकी विभाग को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और विभाग के कर्मचारी एक अप्रैल 2018 के बाद के उपभोक्ताओं के डाटा को ऑनलाइन करने पर लगा हुआ है।
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ऑनलाइन होने से पेयजल व्यवस्था में होगा सुधार
अब तक ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब तक पाइप लीकेज की ज्यादातर शिकायत ग्रामीण क्षेत्रों से आती थी। इस समस्या के सुधार में लंबा समय भी लगता था। अब ऑनलाइन होने के बाद ग्रामीणों को पाइप लीकेज की फोटो साइट पर डालनी होगी और विभाग के कर्मचारियों को उनकी समस्या का तुरंत समाधान करना होगा। इससे अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पेयजल की बेहतर सुविधा मिलेगी।
रणधीर मताना जिला जल संरक्षण सहायक अधिकारी।
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