फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इनेलो का गढ़ माना जाने वाला जींद किला हुआ ध्वस्त, मात्र 3454 वोटों पर सिमटी इनेलो

विज्ञापन
विज्ञापन
ध्वस्त हुआ इनेलो का गढ़, मिले मात्र 3454 वोट
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लगतार दो बार विजयी रहने वाली इनेलो का किला उपचुनाव में इस बार धवस्त हो गया। 130859 वोटों में से इनेलो के उमेद सिंह रेढू को मात्र 3454 वोट ही मिले। इससे साफ है कि जींद के लोगों ने इनेलो को पूरी तरह से नकार दिया है। 2009 तथा 2014 में हुए जींद विधानसभा चुनाव में दोनों पर इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा चुनाव में जीते हैं। अब तीसरी बार इनेलो में टूट के कारण इनेलो का जींद से वोटबैंक लगभग समाप्त हो गया।
विज्ञापन

बताते चलें कि 2000 में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता चुनाव जीते थे लेकिन दूसरे नंबर पर इनेलो के गुलशनलाल रहे थे। इसी प्रकार 2005 में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता फिर से चुनाव जीते थे और इनेलो के सुरेंद्र सिंह बरवाला दूसरे नंबर पर रहे थे। इसके बाद 2009 में विधानसभा चुनाव में इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा चुनाव जीते। इसके बाद 2014 में फिर इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा चुनाव जीते। अब 2019 में हुए उपचुनाव में इनेलो की टूट हो गई और इसमें से जननायक जनता पार्टी बन गई। इसके बाद बची इनेलो के प्रत्याशी उमेद सिंह रेढू को मात्र 3454 वोट मिलना यह साबित करता है कि जींद में अब इनेलो गए जमाने की बात हो चुकी है। इनेलो से अलग होर बनी जननायक जनता पार्टी उपच ुनाव में दूसरे स्थान पर रही। इससे साफ है कि इनेलो को वोट बैंक अब जननायक जनता पार्श्टी को ट्रांसफर हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें