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सता के सेमीफाइनल में उतरे राजनीतिक योद्धा

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सत्ता के सेमीफाइनल में उतरे राजनीतिक योद्धा
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जींद। ठीक 18 दिन बाद होने वाले जींद विधानसभा के उपचुनाव को प्रदेश की सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसी साल सितंबर महीने में विधानसभा के आम चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि जींद विधानसभा उपचुनाव के परिणाम का सीधा असर प्रदेश के विधानसभा आम चुनाव पर पड़ेगा। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी दिखाने के लिए राजनीतिक योद्धाओं को मैदान में उतार दिया है। उपचुनाव के परिणाम से ही प्रदेश का राजनीतिक माहौल बनेगा।
वीरवार को नामांकन दाखिल करवाने का अंतिम दिन भाजपा, इनेलो, कांग्रेस और जजपा ने अपने चुनावी उम्मीदवार मैदान में उतार दिए। उपचुनाव की टाइमिंग के हिसाब से सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस और जजपा ने बड़े चेहरों को आगे किया है। कांग्रेस ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को अपना उम्मीदवार बनाया है तो जेजेपी भी इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को युवा चेहरे के तौर पर मैदान में उतारा है। कांग्रेस और जेजेपी ने बड़े चेहरों को उतार कर चुनाव को रोचक बना दिया है।
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ऐसे चले सियासी तीर
नामांकन पत्र दाखिल करने आए उम्मीदवारों के साथ बड़े राजनीतिक चेहरों का जमवाड़ा रहा। इस दौरान नेताओं ने अपने-अपने तरीके से शब्दों से सियासी बाण भी चलाए।
परिवारिक राजनीति को बढ़ावा दे रहा है दुष्यंत : अभय
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जींद उपचुनाव जींद की जनता की लड़ाई है। इसलिए उन्होंने जींद विधानसभा क्षेत्र से ही उम्मीदवार उतारा है। इनेलो का उम्मीदवार साधारण है व ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है लेकिन कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई चेहरा नहीं था। इसलिए उसने कैथल से उम्मीदवार को एक्सपोर्ट किया है। वहीं जजपा के पास भी कोई प्रत्याशी नहीं था। इसलिए उन्होंने जींद के उम्मीदवार पर भरोसा करने के बजाए अपने परिवार के सदस्य को ही राजनीति में आगे बढ़ा दिया। दुष्यंत खुद सांसद हैं। उनकी मां विधायक हैं, लेकिन इसके बाद भी उनकी तृप्ति नहीं हो रही है। दुष्यंत केवल अपने परिवार की राजनीति को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यह सेल्फिश लोग हैं। जींद की जनता बाहरी उम्मीदवार को वोट नहीं देगी। इनेलो इस उपचुनाव में भारी बहुमत से चुनाव जीतेगी।
भाजपा की ए-बी टीम है इनेलो और जेजेपी : रणदीप
कांग्रेस प्रत्याशी एवं कैथल के विधायक रणदीप सिंह सुरजरेवाला ने कहा कि जींद उपचुनाव से मनोहर सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इनेलो और जेजेपी तो भाजपा की ही ए-बी टीम हैं। यह दोनों दल विकास की बात नहीं करते हैं। यह केवल मारने-काटने व जलाने की बात करते हैं। इन्होंने अपने शासन काल में तानाशाही को बढ़ावा दिया है। सत्ता में रहते हुए इन्होंने कभी भी जींद के विकास की तरफ ध्यान नहीं दिया। जींद की जनता बाहरी उ मीदवार को वोट नहीं देगी। जींद की जनता के निर्णय के आगे सभी को सिर झुकाना पड़ेगा। जींद के विकास के लिए कांग्रेस ने उन्हें यहां भेजा है। वह उपचुनाव में जीत दर्ज करवा कर जींद में विकास कार्यों की झड़ी लगाने का काम करेंगे।
मोदी, राहुल बनाम दिग्विजय होगा उपचुनाव : दुष्यंत
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जींद उपचुनाव में जननायक जनता पार्टी से अपना उम्मीदवार इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला को बनाया है। पार्टी की कोर कमेटी ने दिग्विजय सिंह चौटाला के नाम पर अपनी सहमति जताई। इससे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं से भी उम्मीदवार को लेकर राय ली गई थी। यह उपचुनाव निश्चित रूप से जेजेपी जीतेगी और इतिहास रचेगी। भाजपा और कांग्रेस इस उपचुनाव को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्तर का चुनाव मान कर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरा है। चौधरी देवीलाल की कर्मभूमि रही जींद की इस धरा से दिग्विजय सिंह चौटाला पार्टी के विजयी अभियान की शुरूआत करेंगे।
भाजपा ने बदले राजनीति के मायने : बराला
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद राजनीति के मायने ही बदल दिए हैं। इससे पहले प्रदेश में कांग्रेस या इनेलो दोनों दलों की सरकार रहती थी। नौकरियों में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिलता था। भ्रष्टाचार का बोलबाला रहता था लेकिन भाजपा ने सत्ता में आने के बाद भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार को खत्म कर विकास की तरफ जोर दिया है। सभी जिलों में बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाए हैं। इस उपचुनाव में जींद की जनता विकास कार्यों पर मोहर लगाकर भाजपा को जिताने का काम करेगी।
रणदीप के पिता को भी देख लिया था
भाजपा उम्मीदवार डॉ. कृष्ण मिड्ढा का नामांकन पत्र दाखिल करवाने पहुंचे शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से जब उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाने पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, हमने तो रणदीप सुरजेवाला के पिता को भी देख लिया था।
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शहरी और ग्रामीण की पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
जींद उपचुनाव में शहरी और ग्रामीण की पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। वहीं जींद व जींद से बाहरी उम्मीदवार भी आमने-सामने हैं। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार विनोद आशरी, भाजपा उम्मीदवार डॉ. कृष्ण मिड्ढा और इनेलो के उमेद सिंह जींद विधानसभा से ताल्लुक रखते हैं तो कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला व जेजेपी के दिग्विजय चौटाला जींद से बाहर के हैं।
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