वर्कशॉप से गोहाना रोड तक चक्कर काटकर वापस आई बस और अधिकारियों को भेज दी 22 बसों को चलाने की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरे दिन बुधवार को भी जिला भर में व्यापक असर रहा। हालांकि रिपोर्ट भेजने के लिए प्रबंधन ने कुछ बस वर्कशॉप से निकली और गोहाना रोड से चक्कर कटवाकर वापस वर्कशॉप में पहुंचा दिया। इस पर अधिकारियों को 22 बस चलने की रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं हड़ताल के चलते प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 159 कर्मचारियों को नोटिस भेजा गया। रोडवेज के 12 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज होने के चलते गिरफ्तारी के डर से सुबह यूनियन नेता बस स्टैंड नहीं पहुंचे। गिरफ्तारी का डर बनाए रखने के लिए प्रशासन उन कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रहा है, जिनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इसी बीच रोडवेज यूनियनों ने दो दिन के लिए ओर हड़ताल बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
जींद डिपो के महाप्रबंधक आरएस पूनिया का कहना है कि उन्होंने सुबह चार बजे से दस बजे के बीच 22 बसें सवारियों के साथ अलग-अलग रूट पर चला दी हैं। वहीं हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ प्रधान सज्जन कंडेला ने कहा कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो ऐसे में बस नहीं निकल सकती। रोडवेज विभाग कर्मचारियों के साथ भेद भाव कर रही है। प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग को निजी हाथों में सौंप कर रोडवेज विभाग को खत्म करना चाहती है। ऐसे में कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल करने पर मजबूर हैं। किलोमीटर स्कीम व एस्मा जैसे कानून प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति को दर्शाता है। वहीं रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह चार बजे से दस बजे के बीच 22 बसे निकाली
सुबह चार बजे से दस बजे के बीच यात्रियों की सुविधा अनुसार अलग-अलग रूट पर 22 बसें चलाई गई हैं। दो दिन की हड़ताल से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज हड़ताल खत्म हो गई है। ऐसे में आज से स्थिति सामान्य हो जाएगी।
आरएस पूनिया, रोडवेज जीएम
अशोक तंवर ने दिया रोडवेज कर्मचारियों को समर्थन
कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर रोडवेज कर्मचारियों के धरने स्थल पर कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे। अशोक तंवर ने कहा कि भाजपा सरकार रोडवेज कर्मचारियों का शोषण कर रही है। पिछले चार सालों में रोडवेज कर्मचारी 20 से 22 बार धरना दिया है। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को मानने की बजाय प्रदेश सरकार एस्मा कानून के तहत कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही है। किलोमीटर स्कीम से प्रदेश सरकार रोडवेज कर्मचारियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में है। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की मांगों को मानने की गुहार लगाती है।
एफआईआर के डर से नहीं आया कोई हड़ताल कर्मी
हड़ताल में शामिल 159 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया व 12 कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया गया है। इस डर से सुबह चार बजे से कोई हड़ताल कर्मी धरने स्थल पर नहीं पहुंचा।
भर्ती के लिए उमड़ी युवाओं की भीड़
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बीच अफवाह चली कि रोडवेज में भर्ती चल रही है। इस पर सैकड़ों युवा शाम के समय डीआई ऑफिस पहुंचे और नौकरी लगाने की बात कही। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास इसकी कोई सूचना नहीं है। इस पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
नरवाना में दूसरे दिन भी जाम रहा रोडवेज का चक्का
नरवाना। रोडवेज हड़ताल के दूसरे दिन नरवाना में रोडवेज का चक्का जाम रहा और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफरे दिन हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी उपकेंद्र नरवाना में रामनिवास खरक भूरा व नरेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हड़ताल की। मंच का संचालन नरेंद्र शर्मा व ईश्वर मोर ने किया। दूसरे दिन किसान सभा संगठन, सर्व कर्मचारी संघ, सीटू संघ, एसएफ आई, भारतीय नौजवान सभा, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, डीवाईएफआई व केवाईएस ने हरियाणा रोडवेज की शांतिपूर्ण हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान हड़ताल पर मौजूद कर्मचारी रामनिवास, सतवीर, जगदीप शर्मा ,नरेंद्र छैन, वीरेंद्र डूमरखा व नरेंद्र शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के नेताओं को बुलाकर बातचीत से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करें अन्यथा कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगेे। कर्मचारियों ने कहा कि एस्मा, निहत्थे कर्मचारियों पर लाठी चार्ज करना, कर्मचारियों की सेवाएं बर्खास्त करना उत्पीड़न सरकार ने बंद नहीं किया तो कर्मचारियों को ठोस कदम उठाना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से सरकार की रहेगी। केवाईएस संगठन सदस्य वीरेंद्र ने कहा कि सरकार हर जनकल्याण कारी विभागों का निजीकरण कर जन विरोधी नीतियां ला रही है और कुछ मुठ्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचा रही है। एक तरफ तो सरकार बुलेट ट्रेन की बात कर रही है लेकिन दूसरी तरफ जनता बसों की समस्याओं से जूझ रही है। इस मौके पर प्रदीप शर्मा, राजेश बड़ौदा, सुखदेव, राजेंद्र, राजेश फौजी, कृष्ण फौजी, जोरा, शमशेर, हनुमान, अनिल, वेद दनौदा, राजेश, रमेश पूनिया, सुधीर गोयत व हरदीप मौजूद रहे।