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सीआरएसयू की महिला शिक्षक ने रजिस्ट्रार पर लगाए दुव्र्यवहार के आरोप, एसएसपी को दी शिकायत

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सीआरएसयू की शिक्षका ने रजिस्ट्रार पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की एक महिला शिक्षक ने रजिस्ट्रार पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, धमकी देने के आरोप लगाए हैं। विश्वविद्यालय के 10-12 शिक्षक महिला शिक्षक को लेकर एसएसपी डॉ. अरुण सिंह के कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचे। एसएसपी ने मामले की जांच डीएसपी पुष्पा खत्री को सौंपी। फिलहाल इसमें कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। एसएसपी के अनुसार पहले मामले की जांच की जाएगी। उसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा। एसएसपी से मिलने आए अनियमित शिक्षकों को अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। सभी ने एक सुर में कहा कि उनकी विश्वविद्यालय में अस्थायी नौकरी है। उन्हें पहले ही नौकरी से निकालने की धमकी मिल चुकी है। अब इसके बाद तो कोई न कोई आरोप लगाकर उन्हें नौकरी से निकाल ही दिया जाएगा। इस पर एसएसपी ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके साथ ऐसा कुछ नहीं होने दिया जाएगा। पूरे मामले पर रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह मोर ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
एसएसपी को दी शिकायत में महिला शिक्षक डॉ. भावना ने कहा कि वह सीआरएसयू में म्यूजिक डिपार्टमेंट में एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कान्ट्रैक्ट बेस पर लगी हुई हैं। यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम होना था। उसमें वह कार्यक्रम की कमेटी में शामिल थी। इस कार्यक्रम के बजट के बारे में चर्चा करने के लिए वह वीरवार को रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह मोर से मिलने गई थी। डॉ. भावना ने कहा कि वह पहले रजिस्ट्रार के पीए से मिलीं और रजिस्ट्रार से मिलाने का समय मांगा। इसके बाद वह रजिस्ट्रार से मिली। डॉ. भावना ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह जैसे ही रजिस्ट्रार के कार्यालय में गई तो रजिस्ट्रार तैश में आ गए और उनको भला-बुरा कहने लगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि उनको यहां किसने आने दिया। कोई भी मुंह उठाता है और उनके कार्यालय में घुस जाता है। रजिस्ट्रार ने इतना तक कह डाला कि उनके डिपार्टमेंट को खत्म करके उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके साथ-साथ रजिस्ट्रार ने कहा कि जल्द ही नियमित शिक्षकों की भर्ती करके उनको नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
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डॉ. भावना ने आरोप लगाते हुए कहा कि रजिस्ट्रार ने यहां तक कहा कि जिस कार्यक्रम के सिलसिले में वह उनके पास आई हैं, उन्हें उसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वह अपने आप देख लेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी अन्य स्टाफ सदस्यों के साथ रजिस्ट्रार इस प्रकार का व्यवहार कर चुके हैं। रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी में तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। अभी तक किसी भी स्टाफ सदस्य ने रजिस्ट्रार के खिलाफ ऐसा कदम उठाने की हिम्मत नहीं की लेकिन उन्होंने अन्य स्टाफ सदस्यों को बचाने के लिए इस प्रकार का उठाने की हिम्मत उठाई है।
नौकरी को बताया अब खतरे में
डॉ. भावना के साथ एसएसपी डॉ. अरुण सिंह को शिकायत देने पहुंचे एक दर्जन शिक्षकों ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी में नौकरी अस्थायी रूप से है। अब उन्होंने रजिस्ट्रार के खिलाफ इतना बड़ा उठा तो लिया है लेकिन अब उनकी नौकरी खतरे में पड़ गई है। शिक्षकों ने कहा कि पिछले दो वर्ष से रजिस्ट्रार शिक्षकों के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। बार-बार उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती हैं। शिक्षकों ने कहा कि अब उन्होंने रजिस्ट्रार की ज्यादती से तंग आकर इस प्रकार की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक-दो बार रजिस्ट्रार की शिकायत वे पुलिस को कर चुके हैं। पुलिस यूनिवर्सिटी में पहुंचकर मामले को शांत करवा देती है लेकिन आज तक इस प्रकार के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पहली बार सामने आया ऐसा मामला
साढ़े चार वर्ष पहले अस्तित्व में आई चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में शिक्षक से दुर्व्यवहार का मामला पहली बार सामने आया है। हालांकि यूनिवर्सिटी में लड़ाई-झगड़े के एक-दो मामले को सामने आ चुके हैं। एक बार कुलपति पर जानलेवा हमला करने का भी मामला सामने आया है लेकिन पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आपस में विश्वविद्यालय स्टाफ के बीच का विवाद बाहर निकल कर आया है।
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मामले की जांच की जाएगी : डीएसपी
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि एसएसपी ने मामले की जांच उन्हें सौंपी हैं। सोमवार को यूनिवर्सिटी जाकर मामले की जांच शुरू की जाएगी। फिलहाल इसमें कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। महिला शिक्षक की शिकायत ले ली गई है। जांच के बाद ही मामले का सच सामने आएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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