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शाह के विरोध में दिन भर चला पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच घमासान

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शाह के विरोध में दिन भर चला पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच घमासान
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सतीश जागलान
जींद। भाजपा की युवा हुंकार रैली का विरोध करने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कांग्रेस, इनेलो, आम आदमी पार्टी के लोगों ने अलग-अलग जगह काले झंडे लेकर विरोध किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया। लगभग दो घंटे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को खूब छकाया। रैली समाप्ति के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए सभी लोगों को छोड़ दिया। तीन बजे तक पुलिस रोडवेज की बसों में विरोध करने वालों को हिरासत में लेकर अलग-अलग जगह भेजती रही। रैली शुरू होने से पहले ही सभी पार्टियों ने अपना विरोध करना शुरू कर दिया था। सरकार और अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

अशोक तंवर लिए हिरासत में
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को पुलिस ने लघु सचिवालय के बाहर से हिरासत में लिया। अशोक तंवर ने प्रदेश में विकास नहीं होने तथा जातिवाद के नाम पर प्रदेश को बांटने का आरोप भाजपा पर लगाया। तंवर हाथ में काला झंडा लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने लघु सचिवालय के बाहर से अशोक तंवर समेत लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें कैथल रोड स्थित सदर थाना में रखा। पुलिस ने अशोक तंवर को लगभग सवा तीन बजे छोड़ा।
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कांग्रेस से निकलते ही काबू किया कांग्रेसियों को
साढ़े 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता अपने हाथों में काले झंडे लेकर स्कीम नंबर छह स्थित कांग्रेस भवन से निकले। जैसे ही यह लोग गोहाना रोड पर पहुंचने लगे तो अर्धसैनिक बल ने इनको बस स्टैंड से पहले ही रोक लिया। एसएसपी डॉ. अरुण सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। रोडवेज की चार बसों में लगभग 200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भरकर सीआईए थाना में रखा गया। तीन बजे के बाद ही इनको छोड़ा गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को छकाया
सुबह नौ बजे ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां लघु सचिवालय के बाहर जमा होनी शुरू हो गई थीं। लगभग पूरे प्रदेश से अलग-अलग टुकड़ी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां आती रहीं और पुलिस उनको हिरासत में लेकर रोडवेज की बसों में भरती रही। इन सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उचाना स्थित गीता स्कूल में रखा और तीन बजे के बाद छोड़ दिया। सुबह नौ बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दस महिलाओं की एक टीम आई। यहां इन्होंने जमकर नारेबाजी की। यहां तैनात आईपीएस मोनिका गहलौत ने इन महिलाओं को रोडवेज की बसों में बैठाना शुरू कर दिया। साढ़े नौ बजे फिर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एक टोली आई। काफी महिलाएं काले कपड़े पहनकर आईं थीं। इसी प्रकार दस-दस की टोली आती रही और यह सिलसिला दोपहर एक बजे तक चलता रहा। इस दौरान रोडवेज की लगभग बीस बसों में इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रोडवेज की बसों में भरकर उचाना के पास एक निजी स्कूल में रखा गया। पूरा दिन लगभग 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। आंगनबाड़ी वर्कर प्रधान राजबाला ने कहा कि उनका विरोध सफल रहा।

आईपीएस से भिड़ीं महिलाएं, महिला पुलिस के बाल खींचे
जब आईपीएस मोनिका गहलौत व उनकी टीम इन महिलाओं को बस में बैठा रही थीं तो महिलाएं पुलिस कर्मचारियों से उलझती नजर आईं। इस बीच धक्का मुक्की भी हुई। एक महिला ने तो महिला पुलिस कर्मी के बाल भी खींचे। एक महिला पुलिस कर्मचारी नीचे भी गिर गई। तीन-चार महिलाओं को जबरदस्ती बस में अंदर किया गया।

इनेलो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
दिन में लगभग 12 बजे 500 की संख्या में इनेलो कार्यकर्ता जिला प्रधान कृष्ण राठी, विधायक परमेंद्र सिंह ढुल, युवा प्रदेश प्रभारी प्रदीप गिल के नेतृत्व अर्बन एस्टेट स्थित अपने कार्यालय से निकले। इनेलो कार्यकर्ताओं के हाथों में काले झंडे व काले गुब्बारे थे। यह लोग गोहाना रोड पर आने ही वाले थे, तभी अर्धसैनिक बल ने उनको रोक लिया और यहीं से रोडवेज की बसों में भरना शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे बाद इनेलो कार्यकर्ताओं को पांच बसों में भरकर राजथल गांव स्थित सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में रखा गया। चार बजे इनेलो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने छोड़ा। इनेलो कार्यकर्ताओं ने शहर में तीन-चार जगह काले गुब्बारे भी छोड़े।

आप ने पकौड़े बांटकर जताया विरोध
आम आदमी पार्टी के लगभग 50 लोग जिला प्रधान राजकुमार पहल के नेतृत्व में डीआरडीए के सामने स्थित अपने कार्यालय से निकले। यह लोग गोहाना रोड से होते हुए लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे और नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे व अपने हाथों में पकौड़े लिए हुए थे। यह लोग नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय के सामने पहुंचे। यहां इन लोगों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन ड्यूटी मजिस्ट्रेट कृषि विभाग के उपनिदेशक सुरेंद्र मलिक को ज्ञापन सौंपा और उन्हीं को पकौड़े भेंट करके शांतिपूर्वक वापस चले गए।
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ईश्वर सिंह न्याय संघर्ष समिति ने धरने पर ही जताया विरोध
पिछले सात दिन से यहां लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे ईश्वर सिंह न्याय संघर्ष समिति के लोगों ने धरने पर बैठकर विरोध जताया। इन लोगों ने अपने माथे पर काली पट्टियां बांध रखी थीं तथा धरने के मंच पर भी काले रंग के झंडे लगाए गए थे। दिनभर इन लोगों ने समिति सदस्य देशराज सरोहा के नेतृत्व में नारेबाजी की। पुलिस ने धरना स्थल को चारों तरफ से घेर रखा था।
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