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Jind News: डल्लेवाल के समर्थन में मोर्चे पर 111 किसानों ने शुरू किया आमरण अनशन

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15जेएनडी27: बाॅर्डर की तरफ बढ़ते किसान। स्रोत किसान
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जींद। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन के 51वें दिन हालत लगातार खराब रही है। आंदोलन कर रहे किसानों में लगातार सरकार के प्रति रोष बढ़ रहा है। बुधवार को किसान नेता के समर्थन में 111 किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। वहीं, कुछ किसानों ने हरियाणा के बॉर्डर पर धरना दिया। किसान बॉर्डर के पास अनशन पर बैठना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर तैनात नरवाना के डीएसपी अमित भाटिया व ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीएम दलजीत सिंह ने किसानों को बार्डर पर नागरिक संहिता लागू होने की बात कहते हुए कार्रवाई की चेतावनी देकर रोका।
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इसके बावजूद किसानों ने हरियाणा के बॉर्डर से कुछ दूरी पर टैंट लगाकर अनशन को शुरू कर दिया। इस पर फोर्स को भी बैरिकेडिंग के पार तैनात कर दिया गया। किसानों ने शातिपूर्ण ढंग से अनशन करने का आश्वासन अधिकारियों को दिया है। हालातों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पैरामिल्ट्री फोर्स और अन्य बलों को भी तैनात किया। किसान नेता डल्लेवाल के हालत यह हैं कि उनके लिए अब पानी पीना भी मुश्किल हो गया है। उनके कई अंग अब पहले की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में काले कपड़े पहने हैं।
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आमने सामने होने पर समझाया
बार्डर पर किसान और फोर्स आमने सामने हो गई। डीएसपी द्वारा किसानों के पदाधिकारियों को समझाया गया कि वह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी सीमा में रहकर अपना आमरण अनशन चला सकते हैं, लेकिन पंजाब की सीमा से हरियाणा की तरफ आने या किसी भी तरह का उपद्रव करने की कोशिश नहीं करें। डीएसपी द्वारा समझाए जाने के बाद किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग अपना आमरण अनशन शुरु कर दिया।
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डल्लेवाल के साथ देंगे प्राणों की आहूति : कोटड़ा
बीकेयू सिद्धपुर के प्रधान और खनौरी मोर्चा की अगुवाई कर रहे काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक 111 किसानों का जत्था आमरण अनशन करेगा और डल्लेवाल के साथ अपने प्राणों की आहुति देगा। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि किसान बेहद भावुक हैं। उनका कहना है कि डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ रही है और उन्हें कुछ हुआ तो वह भी उनके लिए बलिदान दे देंगे। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इतने दिनों से आंदोलन चल रहा है। फिर भी उसने ध्यान नहीं दिया है। कोहाड़ ने कहा कि किसानों की एक ही मांग है कि एमएसपी की गारंटी का कानून बना दिया जाए।
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